सपा नेता नरेश अग्रवाल ने बयान दिया है कि अगर मोदी फोबिया से बचना है तो मुलायम चालीसा पढ़ना शुरू करें।
गौरतलब है कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी देश भर में प्रचार कर रहे हैं।
भाजपा ने अपने प्रचार अभियानो से अपनी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने में सफलता पाई है।
मोदी के निम्नवर्गीय बैंकग्राउंड पर जब अन्य पार्टी के नेताओं ने टिप्पणी की तो भाजपा ने चाय पर चर्चा कार्यक्रम की शुरूआत कर प्रचार किया जो कि भाजपा के लिए काफी बेहतर रहा।
मोदी को चायवाला बताया
सपा नेता नरेश अग्रवाल ने ही मोदी के बारे में कहा था कि एक चाय वाला कभी देश नहीं चला सकता है क्योंकि उसकी सोंच कभी इस स्तर की हो ही नहीं सकती है।
वहीं एआईसीसी के सम्मेलन में कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर ने भी कहा था कि मोदी अगर यहां आकर चाय बेचना चाहते है तो बेच सकते हैं।
जिस पर भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी, मोदी ने भी अपनी रैली के दौरान कई बार चाय वाले बयान का इस्तेमाल कर विपक्षियों पर हमला किया था।
मोदी ने एक रैली के दौरान कहा था कि एक चाय वाला देश बेचने वालों से काफी बेहतर है।
मौत का सौदागर भी बना था यूएसपी
2007 में हुए गुजरात के विधानसभा चुनाव में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुजरात दंगों में मोदी की कथित भूमिका पर उन्हें मौत का सौदागर कहा था।
यह बयान पूरे चुनाव के दौरान चर्चा में रहा, जो कि मोदी के लिए प्रचार बिंदु बन गया था।
जब भी मोदी के खिलाफ इस तरह का बयान आता है वह चर्चा का केंद्र बन जाते हैं। चाय वाले बयान के बाद ही भाजपा ने 'चाय पर चर्चा' कार्यक्रम की शुरूआत की।
मोदी ने मुंबई में चाय विक्रेताओं को खुद को साथ जोड़ने के लिए रैली की थी, जिसमें उन्हें भारी जनसमर्थन मिला।
मुलायम ने भी सोनिया की तरह दिया बयान
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने भी सोनिया गांधी की तरह मोदी पर बयानबाजी की थी। मुलायम ने एक रैली के दौरान कहा था कि मोदी के हाथ खून से रंगे हुए हैं।
जिस पर मोदी ने जवाब देते हुए उत्तर प्रदेश में पिछले दो साल में सौ से ज्यादा हुई सांप्रदायिक वारदातों पर सपा सरकार को घेरा था।
गाहे बगाहे पार्टियों के नेता इस तरह के बयान देते रहते हैं, जिससे कि मोदी को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से लाभ होता है।
अब इंतजार इस बात का भी है कि मोदी यूपी में अपनी रैली में नरेश अग्रवाल के बयान का जवाब किस तरह देते हैं।