फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अखिलेश के खास मंत्री ने पत्रकार के लिए रखवाई रिश्वत!

Sun, 20 Apr 2014 01:05 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार दोपहर के ढाई बजे। जगह, सपा प्रत्याशी प्रो. अभिषेक मिश्र का चुनावी दफ्तर। कार्यक्रम की कवरेज के लिए पहुंचे संवाददाता की तरफ हजार रुपये के नोटों की एक गड्डी बढ़ाई गई।
विज्ञापन


पूछने पर कहा गया, ‘पेट्रोल का खर्चा समझकर रख लीजिए’। संवाददाता ने सख्ती से मना किया तो बात संभालने के लिए उसके सामने मिठाई परोस दी गई।

संवाददाता ने यह पेशकश भी ठुकराई और खबर लिख दी। अखबार में खबर प्रमुखता से छपी, तो अब सपा के कुछ नेता मामले को दबाने में जुटे हुए हैं।

सपा की बैठक में पहुंचा था संवाददाता

समाजवादी पार्टी के कैसरबाग कार्यालय पर शनिवार को एक बैठक थी। संभल से आए एक नेता कार्यकर्ताओं को चुनावी दांव-पेंच समझा रहे थे। इसी दौरान वहां अमर उजाला संवाददाता भी पहुंचा।

नेताजी को सुनने के बाद कुछ और जानकारी चाही तो मीडिया प्रभारी ने बताया कि इसके लिए लोकसभा प्रत्याशी प्रो. अभिषेक मिश्र के चुनावी कार्यालय 6-ए राजभवन पर चलना पड़ेगा।

इसके बाद मीडिया प्रभारी देवी बख्श सिंह चौहान के साथ संवाददाता राजभवन के पास वाले कार्यालय पर आ गया।

'मंत्रीजी ने आपको देने को कहा है'

यहां बड़े अदब के साथ संवाददाता को एक ऐसे कमरे में बैठाया गया, जहां पहले से ही तीन और नेता मौजूद थे।

मीडिया प्रभारी ने उनमें से दो को बाहर जाने का इशारा किया। फिर संवाददाता को सटे हुए छोटे कमरे में ले गया।

यहां सपा के ही एक दूसरे नेता ने हजार के नोटों की गड्डी निकाली और संवाददाता की ओर बढ़ाई।

भौचक्के संवाददाता ने इसकी वजह पूछी तो मीडिया प्रभारी ने कहा ‘मंत्रीजी (प्रो. अभिषेक मिश्र) ने आपको देने के लिए कहा था। आपसे आग्रह है कि खबरों में थोड़ा समझ लीजिए।’
विज्ञापन

सपा ने नहीं दी है सफाई

संवाददाता ने जब इस हरकत पर नाराजगी जताई तो रुपये देने वाले नेता ने कहा, ‘दिन भर दौड़ते हैं, पेट्रोल का खर्चा समझकर रख लीजिए...।’

इस पर संवाददाता ने जवाब दिया कि पेट्रोल के लिए तो हमारी कंपनी हमें भुगतान करती है। इस मेहरबानी की जरूरत नहीं है और वहां से उठकर चला आया।

माई सिटी के पहले पेज पर प्रकाशित हुई इस खबर को पढ़ने के ‌बाद सियासी हलके में हलचल मच गई है। हालांकि, अभी तक सपा की ओर से इस पूरे मामले पर कोई सफाई नहीं आई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें