नेता विरोधी दल रामगोविन्द चौधरी ने कहा है कि प्रदेश में अपहरण करके फिरौती न मिलने पर हत्या, लूट, डकैती, यूपी को बीमार प्रदेश में बदलने के बाद मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ अपने पुराने रास्ते पर लौट रहे हैं। नाकामियों को छिपाने के लिए वह दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं।
यह सभी लोग जानते हैं। इसे लेकर सूबे के लोग सावधान रहें और किसी भी कीमत पर आपसी सदभाव और भाईचारे का माहौल बनाए रखने की कोशिश करें।
खासतौर से समाजवादी पार्टी के साथी मुख्यमन्त्री और उनकी टीम की ओर से होने वाले दंगों को रोकने के लिए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने के लिए तैयार रहें।
रविवार को उपचुनाव और दंगे को लेकर मुख्यमंत्री योगी के बयान पर निशाना साधा। कहा कि ये लोग मुख्यमन्त्री के पुराने रिकार्ड को याद रखें। उन्होंने बतौर मुख्यमन्त्री अपने ऊपर लगे मामलों को वापस नहीं लिया होता तो वह आज इस बड़ी कुर्सी की जगह खुद कानून की गिरफ्त में होते।
मुख्यमन्त्री होने के बाद भी योगी कानून के शिकंजे को भूले नहीं हैं इसलिए वह कानून का राज स्थापित करने की जगह कानून की मर्यादा को तार तार कर रहे हैं। इसे लेकर केवल विपक्ष नहीं, पक्ष के भी संवेदनशील और समझदार लोगों को भी सावधान रहने की जरूरत है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सूबे के लोग इस समय केवल एक मांग कर रहे हैं, सूबे में कानून व्यवस्था का शासन बहाल हो, बेटियों की सुरक्षा हो। लोगों की इस मांग की आवाज समाजवादी पार्टी और विपक्ष, मुख्यमन्त्री तक पहुंचाना चाहता है लेकिन वह इस आवाज को सुनना ही नहीं चाहते हैं।
यही नहीं, वह और उनकी टीम समाजवादी पार्टी और विपक्ष के माध्यम से उठ रही इस आवाज को बर्बर दमन और गिरफ्तारी के बल पर कुचल देने की कोशिश में लगी हुई है। उन्होंने कहा है कि बर्बर दमन और गिरफ्तारी के बाद भी आम आदमी की यह आवाज दब नहीं रही है। खुद उनकी भी पार्टी के संवेदनशील और समझदार लोग प्रतिरोध की इस आवाज का हृदय से समर्थन कर रहे हैं।