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नौकरियां देने में आगे तो निवेश लाने में पिछड़ गई अखिलेश सरकार

Thu, 02 Feb 2017 10:13 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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यूपी की सपा सरकार पिछली बसपा सरकार के मुकाबले बेरोजगारों को रोजगार देने और इंडस्ट्री लगवाने में आगे रही है, लेकिन निवेश के मामले में वह पीछे रह गई। सरकार की ओर से हाल ही तैयार कराई गई एक रिपोर्ट में यह तस्वीर सामने आई है।
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प्रदेश सरकार ने उद्योग महकमे से एक तुलनात्मक रिपोर्ट तैयार कराई है। इसमें वर्ष 2004 से 2016 तक की सरकारों के कार्यकाल में उद्योग लगाने, रोजगार देने और पूंजी निवेश का विस्तृत ब्योरा शामिल है।

इस दौरान सूबे में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती तथा मौजूदा अखिलेश यादव सरकार के अगस्त 2016 तक की उपलब्धियां शामिल हैं। पिछली मायावती सरकार और मौजूदा अखिलेश यादव सरकार की उपलब्धियों की बात करें तो उद्योगों की स्थापना और रोजगार सृजन के मामले में अखिलेश सरकार आगे रही, पर निवेश के मामले में वह बसपा सरकार को पीछे नहीं छोड़ पाई।
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2007-08 से 2011-12 तक मायावती के कार्यकाल में 1,76,033 उद्योगों की स्थापना हुई थी और 12,44,818 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिला था। आंकड़ों के मुताबिक मायावती सरकार में 57,545.27 करोड़ रुपये के निवेश हुए थे।

हर साल चार लाख से ज्यादा रोजगार देने में सफल रही सपा

दूसरी ओर अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल के दौरान 2012-13 से 2016-17 के अगस्त तक 3,08,410 उद्योगों की स्थापना हुई और 21,43,282 लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार मिला।

निवेश के मामले में यह सरकार पिछली सरकार से पीछे रही और इस दौरान 33,456.39 करोड़ रुपये के ही निवेश हुए। सपा सरकार जहां हर साल औसत 4.28 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देने में सफल रही, वहीं बसपा राज में हर साल औसतन 2.49 लाख लोगों को ही रोजगार मिल पाए थे।

बेरोजगारी भत्ता देने से पीछे हटी, रोजगार देने पर दिया ध्यान
सपा सरकार ने बेरोजगारों को हर महीने 1000 रुपये बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था। सरकार ने एक साल भत्ता दिया भी, पर इसके बाद वह भत्ता देने के वादे से पीछे हट गई।

शासन के एक अधिकारी कहते हैं कि भत्ता बेरोजगारी का स्थायी समाधान नहीं है। सरकार ने ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर दिलाने के प्रयास किए, जिससे पिछली सरकार से लगभग दोगुना अधिक रोजगार हर साल सृजित किए गए।

बसपा राज में निवेश व रोजगार का लेखा-जोखा

बसपा सुप्रीमो मायावती - फोटो : amar ujala
बसपा राज--उद्योग स्थापित--रोजगार सृजित--निवेश (करोड़ रुपये में)

2007-08--32,837--2,07,720--4918.26

2008-09--33,771--2,12,573--5176.63

2009-10--37,435--2,96,669--11,951.93

2010-11--35,861--2,53,077--10,446.03

2011-12--36,129--2,74,779--25,052.42

योग--1,76,033--12,44,818--57,545.27
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सपा सरकार ने ‌निवेश व रोजगार का लेखा-जोखा

- फोटो : amar ujala
सपा राज--उद्योग स्थापित--रोजगार सृजित--निवेश
2012-13--31,474--2,68,096--6659.55

2013-14--45,538--4,59,102--5213.03

2014-15--53,242--4,86,963--7671.21

2015-16--72,682--5,16,172--7830.72

2016-17--1,05,474--4,12,949--6081.88

योग--3,08,410--21,43,282--33,456.39


इस मामले में सीनियर फेलो गिरी इंस्टीट्यूट के डॉ. सीएस वर्मा का कहना है, ‘‘मौजूदा सरकार का फोकस युवाओं पर नजर आया है। उन्हें किस तरह रोजगार के अवसर उपलब्ध हों, यह प्रयास दिखा है। ऐसे उद्योग धंधों को लगाने को तवज्जो दी गई है जो ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा कर सकें। हर साल चार लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार देना काफी सकारात्मक प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए।’’
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