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UP Vidhansabha: आप गोबर देखते हो इसलिए गोबर इम्प्लीमेंट करते हो... ऑस्ट्रेलिया में पढ़े होने का कमेंट सुनकर भड़के अखिलेश

Tue, 31 May 2022 03:38 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी बजट पर बोलते हुए सरकार की विकास योजनाओं पर सवाल उठाए और सरकार के प्रदेश में निवेश के दावों पर भी सवाल पूछे।

 
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को यूपी विधानसभा में प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए अब तक के सबसे बड़े बजट पर अपने विचार रखे और सरकार की विकास योजनाओं पर सवाल उठाए। अपने भाषण के दौरान जब वह प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा की हालत पर बोल रहे थे तो सत्ता पक्ष के सदस्य ने उनके (अखिलेश यादव) आस्ट्रेलिया में पढ़े होने पर टिप्पणी कर दी। इस टिप्पणी से अखिलेश यादव भड़क गए। उन्होंने कहा कि हम वहां पढ़े हैं इसलिए जो अच्छा देखा वो इम्पलीमेंट किया। आप लोग गोबर देख रहे हो तो वही इम्पलीमेंट कर रहे हो।

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अखिलेश यादव ने प्रदेश में बिजली व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। कहा कि पिछले पांच साल में बिजली बनाने का काम नहीं हुआ है जिसके कारण भयंकर गर्मी में लोगों को मुश्किल झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश में शांति नहीं होगी तब तक विकास नहीं होगा। सरकार का कहना है कि तीन लाख करोड़ रुपये निवेश की प्रक्रिया में विभिन्न चरणों में है। वो किस चरण में है हमें भी बता दीजिए। अखिलेश यादव ने शायराना अंदाज में अपनी बात कही...

जब तलक अमन और चैन नहीं आता काम हमारा है नफरत की खिलाफत करना
मेरी पीढ़ी को एक मशाल बन के चलना है, जिसका फर्ज है इंसानियत की राह रोशन करना।

अखिलेश यादव बोले- जनता के लिए नहीं, विभागों के बीच बंटवारा है बजट
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने बजट पर चर्चा के दौरान सरकार को घेरा और विभागवार बजट आवंटन पर सवाल भी उठाया। इस दौरान मुख्यमंत्री भी सदन में मौजूद थे। अखिलेश ने सरकार पर सपा के शासनकाल में कराए गए कई कार्यों को अपना काम बताकर ढिंढोरा पीटने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल विभागों के बीच राशि का बंटवारा मात्र है। पिछले पांच वर्ष के आंकड़े बता रहे हैं कि बजट का पूरा उपयोग नहीं हो पाया। ऐसे में इस बार बजट का आकार बढ़ाने से किसका फायदा होगा।
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अखिलेश ने कहा कि यह बजट आम जनता, किसान, गरीब, बेरोजगार युवक और व्यापारियों को धोखा देने वाला है। क्योंकि इन वर्गों के लिए बजट में कुछ भी नहीं है। इसलिए हमने बजट को विभागों के बीच बंटवारा बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता को जिस डिफेंस कॉरिडोर व उसमें निवेश का सपना दिखा रही है, वहां अब तक कोई इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं हैं और वह स्थान बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे नहीं, बल्कि काफी दूर है।

उन्होंने कहा कि अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर, नर्स समेत अन्य स्टॉफ की भारी कमी है। प्रदेश सरकार स्वच्छ भारत के नाम का ढिंढोरा पीट रही है लेकिन शहरों में गंदगी की भरमार है। स्मार्ट शहर के नाम पर कुछ नहीं हो रहा है। डेयरी के क्षेत्र को पीछे करने का काम हो रहा है। पराग के बजट को कम किया गया। सरकार की गलत नीति से गायों की संख्या कम हो रही है। मिर्जापुर का सोलर प्लांट समाजवादियों की देन है।

सपा प्रमुख ने कहा कि उन्होंने ग्वालियर से लिपुलेख तक सड़क बनाने की मांग उठाई थी, लेकिन उस मांग का क्या हुआ पता नहीं। इसी प्रकार दिल्ली से मुंबई के बीच बन रही एक्सप्रेसवे को यूपी से जोड़ने की मांग पर सरकार ने विचार नहीं किया। सरकार के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश की स्थिति देखने तो यह लगता है कि यहां  ईज ऑफ डूइंग बिजनेस नहीं, बल्कि ईज ऑफ क्राइम में स्थिति बेहतर हुई है।

अयोध्या में किसानों को दिया जाए छह गुना मुआवजा

अखिलेश ने अयोध्या के विकास के लिए जमीन लेने के बदले किसानों को दिए जा रहे मुआवजे को नाकाफी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को सर्किल रेट से छह गुना मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार अच्छे काम के लिए किसानों की जमीन ले रही है तो किसानों को भी फायदा होना चाहिए। ऐसा करने से जल्दी जमीन उपलब्ध हो जाएगी। उन्होंने धान-गेहूं खरीद में भी किसानों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।

सपा ने शुरू किए थे कई एयरपोर्ट का काम
प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के सरकार के दावे को खारिज करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि चित्रकूट में नेताजी ने एयरपोर्ट बनवाया था। उसका विस्तार सपा सरकार में किया गया। इसी प्रकार कुशीनगर, मेरठ, मुरादाबाद, आजमगढ़ समेत कई शहरों में सपा सरकार के समय ही एयरपोर्ट का काम शुरू हो चुका था, जिसे भाजपा सरकार आजतक पूरा नहीं कर पाई है।

स्कूल में बच्चे हमें समझ रहे थे राहुल
नेता प्रतिपक्ष ने प्राथमिक शिक्षा का स्तर गिरने का आरोप लगाते हुए एक वाकया सुनाया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों मैंने एक स्कूल में एक बच्चे से पूछा कि हमें पहचानते हो। बच्चे ने बताया कि हां, आप राहुल गांधी हो। इस पर नेता सदन समेत सभी सदस्यों ने खूब ठहाका लगाया।

सरकार बताए कि निवेश हुआ कहां
अखिलेश ने कहा कि सरकार इन्वेस्टर्स समिट में 4 लाख 68 हजार करोड़ के निवेश का एमओयू करने और 3 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट शुरू होने का दावा कर रही है। पर सरकार को यह भी बताना चाहिए कि ये निवेश कहां हुए हैं।

पांच साल से बिजली उत्पादन नहीं बढ़ा
उन्होंने कहा कि ऊर्जा सबसे बड़ा सेक्टर है लेकिन प्रदेश सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते पांच वर्ष में बिजली का उत्पादन बिल्कुल भी नहीं बढ़ा है और न ही वितरण बेहतर हो रहा है।
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कन्नौज में नहीं, गोरखपुर में लगाएं गोबर प्लांट

सरकार के कन्नौज में गोबर प्लांट लगाने की घोषणा पर अखिलेश ने कहा कि कन्नौज की पहचान इत्र से है, गोबर से नहीं। इसलिए गोबर प्लांट लगाना है तो गोरखपुर में प्लांट लगाएं। सरकार कन्नौज में कुछ करना चाहती है तो वहां परफ्यूम पार्क की स्थापना करें। इससे प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनेगी।

अखिलेश ने सरकार के सामने रखी ये मांगें
बजट पर चर्चा के बाद अखिलेश ने सरकार के सामने कुछ मांगें भी रखीं। इसमें पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, 2022 का डीए का भुगतान करने, कोविड के चलते बंद की गई नगर प्रतिकर भत्ता को पुन: बहाल करने, सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग व्यवस्था को खत्म करने व संविदा कर्मियों का मानदेय न्यूनतम 25 हजार करने, सरकारी विभागों के खाली सभी पदों पर भर्ती करने, विभिन्न भर्ती आयोगों के स्तर लटकी भर्ती को पूरा कराने की मांग शामिल हैं।

जाति देखकर होती है कुलपतियों की नियुक्ति
अखिलेश ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहा कि इस सरकार में यूपी में कुलपतियों की नियुक्ति जाति देखकर की जाती है। आरोप लगाया कि सरकार मुद्दों से भटकाने का काम कर रही है। आम लोगों से जुड़े मामलों पर जवाब नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब बजट बढ़ा है तो सरकार को विभागों में भी खर्च ज़्यादा करना चाहिए। बिजली भी लगातार महंगी होती जा रही है जबकि बिजली विभाग आज फिर 70,000 करोड़ रुपये के घाटे में पहुंच गया है।
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