सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को यूपी विधानसभा में प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए अब तक के सबसे बड़े बजट पर अपने विचार रखे और सरकार की विकास योजनाओं पर सवाल उठाए। अपने भाषण के दौरान जब वह प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा की हालत पर बोल रहे थे तो सत्ता पक्ष के सदस्य ने उनके (अखिलेश यादव) आस्ट्रेलिया में पढ़े होने पर टिप्पणी कर दी। इस टिप्पणी से अखिलेश यादव भड़क गए। उन्होंने कहा कि हम वहां पढ़े हैं इसलिए जो अच्छा देखा वो इम्पलीमेंट किया। आप लोग गोबर देख रहे हो तो वही इम्पलीमेंट कर रहे हो।
अखिलेश यादव ने प्रदेश में बिजली व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। कहा कि पिछले पांच साल में बिजली बनाने का काम नहीं हुआ है जिसके कारण भयंकर गर्मी में लोगों को मुश्किल झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश में शांति नहीं होगी तब तक विकास नहीं होगा। सरकार का कहना है कि तीन लाख करोड़ रुपये निवेश की प्रक्रिया में विभिन्न चरणों में है। वो किस चरण में है हमें भी बता दीजिए। अखिलेश यादव ने शायराना अंदाज में अपनी बात कही...
जब तलक अमन और चैन नहीं आता काम हमारा है नफरत की खिलाफत करना
मेरी पीढ़ी को एक मशाल बन के चलना है, जिसका फर्ज है इंसानियत की राह रोशन करना।
अखिलेश यादव बोले- जनता के लिए नहीं, विभागों के बीच बंटवारा है बजट
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने बजट पर चर्चा के दौरान सरकार को घेरा और विभागवार बजट आवंटन पर सवाल भी उठाया। इस दौरान मुख्यमंत्री भी सदन में मौजूद थे। अखिलेश ने सरकार पर सपा के शासनकाल में कराए गए कई कार्यों को अपना काम बताकर ढिंढोरा पीटने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल विभागों के बीच राशि का बंटवारा मात्र है। पिछले पांच वर्ष के आंकड़े बता रहे हैं कि बजट का पूरा उपयोग नहीं हो पाया। ऐसे में इस बार बजट का आकार बढ़ाने से किसका फायदा होगा।
अखिलेश ने कहा कि यह बजट आम जनता, किसान, गरीब, बेरोजगार युवक और व्यापारियों को धोखा देने वाला है। क्योंकि इन वर्गों के लिए बजट में कुछ भी नहीं है। इसलिए हमने बजट को विभागों के बीच बंटवारा बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता को जिस डिफेंस कॉरिडोर व उसमें निवेश का सपना दिखा रही है, वहां अब तक कोई इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं हैं और वह स्थान बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे नहीं, बल्कि काफी दूर है।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर, नर्स समेत अन्य स्टॉफ की भारी कमी है। प्रदेश सरकार स्वच्छ भारत के नाम का ढिंढोरा पीट रही है लेकिन शहरों में गंदगी की भरमार है। स्मार्ट शहर के नाम पर कुछ नहीं हो रहा है। डेयरी के क्षेत्र को पीछे करने का काम हो रहा है। पराग के बजट को कम किया गया। सरकार की गलत नीति से गायों की संख्या कम हो रही है। मिर्जापुर का सोलर प्लांट समाजवादियों की देन है।
सपा प्रमुख ने कहा कि उन्होंने ग्वालियर से लिपुलेख तक सड़क बनाने की मांग उठाई थी, लेकिन उस मांग का क्या हुआ पता नहीं। इसी प्रकार दिल्ली से मुंबई के बीच बन रही एक्सप्रेसवे को यूपी से जोड़ने की मांग पर सरकार ने विचार नहीं किया। सरकार के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश की स्थिति देखने तो यह लगता है कि यहां ईज ऑफ डूइंग बिजनेस नहीं, बल्कि ईज ऑफ क्राइम में स्थिति बेहतर हुई है।