जिला पंचायत सदस्य का चुनाव होने के बाद सपा बराबर कहती रही कि इस बार वह जिला पंचायत पद के लिए अपना उम्मीदवार उतारेगी। इसी कड़ी में सपा के पूर्व विधायक के बेटे विक्रांत अकेला ने सबसे पहले नामांकन करने के लिए पर्चा खरीदा।
इस बारे में पूर्व विधायक रामलाल अकेला से बात की गई तो उनका साफ कहना था की पार्टी हाईकमान की अनुमति के बाद ही बेटे ने जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के लिए पर्चा खरीदा। लेकिन ऐन मौके पर सपा ने दूसरा दांव खेल दिया।
ऐसे में जाहिर है कि कांग्रेस और सपा में उच्च स्तर पर बातचीत करने के बाद ही सपा ने कांग्रेस को समर्थन देने का निर्णय लिया होगा। सूत्रों का कहना है कि जिले की लोकसभा प्रभारी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा और पूर्व मुख्यमंत्री और सपा मुखिया अखिलेश यादव से बातचीत के बाद कांग्रेस और सपा में तालमेल की सहमति बनी।
इस संबंध में कांग्रेस के जिला प्रवक्ता विनय द्विवेदी और सपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र यादव का कहना है की सपा और कांग्रेस में उच्च स्तरीय बैठक के बाद ही यह निर्णय लिया गया। दोनों प्रवक्ताओं ने किसी नेता का नाम लेने से इनकार किया।