बसपा सुप्रीमो मायावती के जन्मदिन पर लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सपा और बसपा में गठबंधन का एलान हो सकता है। चर्चा है कि बसपा लोकसभा चुनाव से पहले अपनी मुखिया के जन्मदिन को बड़े जलसे के रूप में आयोजित कर सकती है। इसमें गैर कांग्रेसी और गैर भाजपा दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जा सकता है।
पार्टी पूर्व सीएम मायावती का जन्मदिन 15 जनवरी को जन कल्याणकारी दिवस’ के रूप में मनाती है। मायावती इसी दिन ‘ब्लू-बुक’ नाम की किताब व पार्टी के कैलेंडर जारी करती हैं। ब्लू-बुक में पार्टी की वर्ष भर की गतिविधियों का लेखाजोखा होता है। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मायावती का यह जन्मदिन काफी खास हो गया है।
सूत्रों का कहना है कि बसपा और सपा के बीच कांग्रेस को बाहर रखकर गठबंधन के लिए लगभग सहमति बन गई है। सब कुछ ठीकठाक रहा तो बसपा प्रमुख के जन्मदिन पर गठबंधन के फार्मूले का एलान हो सकता है। बसपा ने छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की पार्टी, हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल से गठबंधन किया है। यूपी में गठबंधन सबसे अहम होगा।
चर्चा यह भी है कि पार्टी इस दिन अपने गठबंधन से जुड़े सहयोगियों व गैर कांग्रेस व गैर भाजपा दलों के नेताओं को आमंत्रित कर लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर सकती है। मायावती कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण में नहीं गईं थीं और दो राज्यों एमपी व राजस्थान में कांग्रेस को समर्थन देने के बावजूद भाजपा और कांग्रेस को एक जैसा दल बताती रही हैं।
हालांकि पार्टी के नेता इस संबंध में सार्वजनिक रूप से कुछ भी नहीं कह रहे। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह सारी बातें रणनीतिक हैं। चुनावी रणनीति का खुलासा उचित समय पर बहनजी ही करेंगी। अभी सभी लोग विधानमंडल सत्र में व्यस्त हैं। पार्टी प्रमुख जनवरी के पहले सप्ताह में लखनऊ आ सकती हैं। इसके बाद ही जन्मदिन की तैयारियों में तेजी आएगी।