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मेरठ रैली: नजर तो पश्चिमी यूपी के जाटों पर है

Mon, 06 Oct 2014 11:31 AM IST
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
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रालोद नेता जयंत चौधरी ने रविवार को यहां सपा के प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भेंट की और उन्हें 12 अक्तूबर को मेरठ में होने वाली रैली में आने का न्यौता दिया। जयंत ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को भी रैली में आने का निमंत्रण दिया।
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यह रैली दिल्ली स्थित 12 तुगलक रोड स्थित बंगले को चौधरी चरण सिंह स्मारक बनाने की मांग के लिए हो रही है। जयंत के साथ रालोद के प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान व राष्ट्रीय सचिव अनिल दुबे भी थे। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने रालोद नेताओं को आश्वासन दिया है कि सपा रैली में भाग लेगी।

जुट रहे हैं ये नेता: रैली में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जद (यू) अध्यक्ष शरद यादव और तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव और उड़ीसा के मुख्यमंत्री व बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक का आना तय हो चुका है। लालू यादव ने भी स्वास्थ्य ठीक रहने पर रैली में आने का आश्वासन दिया है।
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ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि मेरठ रैली निकट भविष्य में देश में नए राजनीतिक गठबंधन की पृष्ठभूमि तैयार कर सकती है क्योंकि एक दौर में चौधरी चरण सिंह के नजदीकी रहे नेता उनका स्मारक बनाने की मांग पर एकजुट दिख रहे हैं। रालोद जहां इसे अपने खोए जनाधार की वापसी के अवसर के रूप में देख रहा है तो सपा को भी लग रहा है कि वह इस रैली में शामिल होकर पश्चिमी यूपी के जाट वोटरों के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर सकेगी।
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उत्साहित है सपा

दरअसल, विधानसभा उपचुनाव में बिजनौर और ठाकुरद्वारा में मिली कामयाबी से सपा बहुत उत्साहित है। उसे मालूम है कि यह सफलता जाट वोटों का बड़ा प्रतिशत सपा के पक्ष में आने से ही मिली है।

सपा का मानना है कि केंद्र सरकार ने जिस तरह 12 सितंबर को चौधरी अजित सिंह के 12 तुगलक रोड स्थित बंगले को खाली कराने के लिए वहां का बिजली-पानी कनेक्शन काटा, उसकी जाटों में जबर्दस्त प्रतिक्रिया हुई। इसके अगले ही दिन उपचुनाव के लिए हुई वोटिंग में बड़े पैमाने पर जाटों ने भाजपा के विरोध में सपा का साथ दिया।

कैराना उपचुनाव पर असर: पश्चिमी यूपी के शामली जिले की कैराना विधानसभा सीट पर 15 अक्तूबर को उपचुनाव होना है। शामली को चौधरी अजित सिंह के प्रभाव वाला जिला माना जाता है। वहां के लोग बड़ी संख्या में रैली में शामिल होंगे।

सपा को पता है कि मेरठ रैली में जाने का संदेश कैराना तक जाएगा। सपा अगर कैराना सीट भी जीतने में कामयाब रही तो संदेश जाएगा कि मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर जाटों के बीच सपा को लेकर फैली नाराजगी दूर हो गई है।
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