योगी सरकार ने कासगंज स्थित पवित्र सूकर क्षेत्र सोरों को तीर्थस्थल घोषित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को ट्वीट कर सूकर क्षेत्र सोरों को तीर्थ स्थल घोषित करने की संत महात्माओं और श्रद्धालुओं की दशकों पुरानी मांग पूरी होने की जानकारी साझा की।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सूकर क्षेत्र सोरों को तीर्थ स्थल घोषित करने से उस क्षेत्र में आने वाले अनेकों छोटे-छोटे तीर्थों के जीर्णोद्धार में सुगमता होगी। साथ ही चक्रतीर्थ, योगतीर्थ, सूर्यतीर्थ, सोमतीर्थ एवं साकोटकतीर्थ को भी लाभ होगा। उन्होंने बताया कि सोरों सूकर क्षेत्र के तीर्थ स्थल घोषित होने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए साधन विकसित होंगे।
भगवान बराह की स्वर्गारोहण स्थली है सूकर क्षेत्र सोरों
ब्रजक्षेत्र स्थित सूकर क्षेत्र, सोरो कासगंज आदितीर्थ है। विभिन्न पुराणों में सोरों सूकर क्षेत्र का महत्व बताया गया है। माना जाता है कि सोरों सूकर क्षेत्र में भगवान विष्णु के तीसरे अवतार के रूप में बराह भगवान की निर्वाण स्थली है। सोरों सूकर क्षेत्र के तहत जो कुंड (हरिपदी गंगा) है यह वही स्थान है जहां भगवान श्री बराह ने स्वर्गारोहरण किया था। तभी से इस कुंड में मृत्यु के पश्चात अस्थियों का विसर्जन किया जाता है। सोरों सूकर क्षेत्र को मोक्ष प्रदान करने वाले तीर्थ के रूप में माना जाता है। योगी सरकार की कोशिशों से सोरों एवं आस-पास धार्मिक, आध्यात्मिक एवं पौराणिक गतिविधियों में धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विगत साढ़े चार वर्षों में काफी प्रगति हुई है।
तीर्थ स्थल का दर्जा मिलने पर होगा यह लाभ
- तीर्थ की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित किया जा सकेगा।
- तीर्थ के महत्वपूर्ण प्राचीन धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार किया जा सकेगा।
- तीर्थ स्थल पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का विस्तार होगा।
- तीर्थ स्थल की श्रेणी में शामिल होने से हर की पौड़ी के घाट आदि का विकास होगा।