लखनऊ। राजधानी के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट न होने से जांच के लिए भटकने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिल गई है। अपर निदेशक लखनऊ मंडल के जरिये इनमें सोनोलॉजिस्ट की तैनाती कर दी गई है। तीन दिन बाद जांच शुरू हो जाएगी। सोनोलॉजिस्ट सप्ताह में तीन दिन सेवा देंगे।
आलमबाग चंदरनगर 50 बेड संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में रोजाना करीब 600 मरीज आते हैं। इनमें से करीब 50 को डॉक्टर अल्ट्रासाउंड के लिए लिखते हैं। असाध्य बीमारी से ग्रसित अस्पताल का रेडियोलॉजिस्ट एक वर्ष से छुट्टी पर है। चंदरनगर सीएचसी की सोनोलॉजिस्ट गर्भवती महिलाओं की जांच कर रही थीं, लेकिन अब वह भी मातृत्व अवकाश पर हैं। इससे अल्ट्रासाउंड की सुविधा ठप हो गई थी।
ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय में तो और बुरे हालात थे। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से यहां की मशीन सात वर्ष से शोपीस बनी हुई थी। महानगर के भाऊराव देवरस संयुक्त चिकित्सालय में पुनर्नियुक्ति पर रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की गई थी। इसकी सेवा समाप्त होने के बाद से यहां भी जांच बंद थी।
तीनों अस्पतालों में जांच बंद होने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद हरकत में आए अपर निदेशक लखनऊ मंडल के जरिये तीनों अस्पतालों में सोमवार को सोनोलॉजिस्ट तैनात किए गए।
रामसागर मिश्रा अस्पताल में कार्यरत सोनोलॉजिस्ट डॉ. रियाजुद्दीन को बीआरडी महानगर अस्पताल से अटैच किया गया है। पीएसी 35वीं वाहिनी के डॉ. शशिकांत को आलमबाग 50 बेड संयुक्त चिकित्सालय व काकोरी सीएचसी प्रभारी डॉ. केडी मिश्रा को ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय से अटैच किया गया है। अपर निदेशक लखनऊ मंडल डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि तीनों अस्पताल में हफ्ते में तीन दिन अल्ट्रासाउंड होगा।