मीडिया से बातचीत में भी सांसद प्रतिनिधि ने बताया कि भाजपा प्रत्याशी ने नियमों की अनदेखी कर पर्चा भरा है जो गलत है। दोनों दलों की शिकायत के बाद मामला गरमा गया।
शनिवार को नामांकन पत्रों की जांच का समय सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक था लेकिन वीआईपी उम्मीदवारों के नामांकन में लगी आपत्तियों को सुलझाने में अधिकारी उलझे दिखे। दोपहर 3 बजे तक चलने वाली जांच देर रात 11 बजे तक चली। आखिरकार डीएम नेहा शर्मा ने दोनों पक्षों की ओर से की गई आपत्तियों को खारिज करते हुए उनके पर्चों को वैध करार दिया।