अमेठी की रहने वाली बुजुर्ग जख्मी महिला साबिरा ने जैसे ही सोनिया गांधी को सामने देखा तो वह फफक पड़ीं। सोनिया ने उन्हें नमस्ते बोला तो बुजुर्ग महिला ने बेड पर लेटे-लेटे ही उनकी तरफ हाथ बढ़ा दिया। सोनिया ने उनका हाथ थामकर परेशान न होने को कहा।
शनिवार शाम कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी जनता एक्सप्रेस हादसे में जख्मी लोगों का हाल लेने लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं और पंद्रह मिनट तक वार्ड में रुकीं। वार्ड में पहुंचते ही सबसे पहले सोनिया गांधी ने औरैया निवासी विनय कुमार का हाल लिया।
इसके बाद गौरीगंज रायबरेली निवासी अजय कुमार मिश्रा के बेड पर पहुंचीं। जैसे ही वे प्रतापगढ़ निवासी शुभकरन मिश्रा का हाल लेने पहुंचीं, महिला तीमारदार अलका की आंखों से आंसू छलक पड़े।
अलका ने हादसे में मासूम बच्ची को खोने की बात कही। इस पर सोनिया भी भावुक हो उठीं। उन्होंने केजीएमयू कुलपति प्रो. रविकांत से मरीजों का हाल पूछने बाद बेहतर इलाज को कहा।
उचित इलाज हो यह सुनिश्चित करने आईं सोनिया
पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है। घायलों का उचित इलाज हो, इसलिए वे यहां आई हैं। उन्होंने कहा, जो भी इस हादसे में मारे गए हैं, उनके प्रति मैं संवेदना व्यक्त करती हूं। जो भी घायल हुए हैं, उन्हें उचित इलाज मिलना चाहिए।
केंद्र सरकार से इन्हें अधिक से अधिक मदद दिलाने की कोशिश की जाएगी। सोनिया के साथ प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री, विधायक रीता बहुगुणा जोशी व प्रतिनिधि केएल शर्मा भी थे।
छावनी में तब्दील रहा ट्रॉमा सेंटर
सोनिया के ट्रॉमा सेंटर पहुंचने से आधा घंटे पहले ही परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। मुख्य गेट पास रस्सी बांधकर तीमारदारों को दूर कर दिया गया। आपातकालीन वार्ड के बाहर मेटल डिटेक्टर सहित अन्य जांच उपकरण लगा दिए गए।
डॉग व बम स्क्वॉयड ने भी दो घंटे तक ट्रॉमा सेंटर के सभी वार्डों में जाकर छानबीन की। वहीं ट्रॉमा सेंटर के तीनों तलों पर पुलिसकर्मी व एसपीजी सुरक्षा का घेरा लगा था। इसके अलावा विभिन्न थानों की फोर्स, पीएसी व आरएएफ ने परिसर में डेरा डाल दिया था।
शाम छह बजे करीब सोनिया पहुंचीं तो कड़े सुरक्षा घेरे में उन्हें इमरजेंसी वार्ड में लाया गया। इससे पहले वार्ड में मरीज संग ठहरे तीमारदारों में एक को रुकने की अनुमति दी गई।