घूस मांगने के आरोप में प्रधान सहायक राज्य कर निलंबित
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश में राज्यकर विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप में एक और कर्मचारी पर सोमवार को गाज गिरी। सोनभद्र में तैनात प्रधान सहायक सुदामा पासवान को कर निर्धारण आदेश के एवज में 1.30 लाख रुपये घूस मांगने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। अपर आयुक्त (प्रशासन) राज्य कर सुनील कुमार वर्मा ने सोमवार को निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड-1 वाराणसी जोन द्वितीय को 21 जून की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजी गई थी। इसमें सुदामा पासवान कर निर्धारण आदेश पारित करने के लिए व्यापारी से 1.30 लाख रुपये मांग रहे थे। इसकी पुष्टि के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई थी।
राज्य कर उपायुक्त ईश्वर चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में गठित कमेटी में सुधीर गौतम और अजय कुमार की संयुक्त रिपोर्ट में कहा गया कि ऑडियो में आवाज सुदामा पासवान की प्रतीत हो रही है। इसे अत्यंत गंभीर मामला बताते हुए कमेटी ने कठोर कार्रवाई की अनुशंसा की।
रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि 15 मई को अपर आयुक्त ग्रेड वन द्वारा राबर्ट्सगंज और मिर्जापुर दौरे के दौरान व्यापारियों ने खुले मंच से सुदामा पासवान के कामकाज की शिकायत की थी। व्यापारियों ने कहा था कि सुदामा पासवान बिना पैसा लिए काम नहीं करते हैं। निरीक्षण के दौरान सुदामा बिना सूचना के ऑफिस से भी गायब पाए गए।
पूछताछ में पता चला कि बिना अवकाश स्वीकृत कराए ही वह कई दिनों से गायब हैं। इस पर 5 जून को सुदामा का ट्रांसफर भदोही कर कर दिया गया था, लेकिन 15 दिन के अंदर ही रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित कर दिए गए।