फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: घूसखोरी में राज्य कर के प्रधान सहायक पर गिरी गाज, किया गया निलंबित... लापरवाही पर नपे उपायुक्त

Mon, 23 Jun 2025 12:39 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

घूस मांगने के आरोप में सोनभद्र के प्रधान सहायक राज्य कर को निलंबित कर दिया गया है। कर निर्धारण आदेश के एवज में 1.30 लाख रुपये घूस मांगने के आरोप में यह कार्रवाई की गई। आगे पढ़ें और जानें पूरा मामला...
विज्ञापन
घूस मांगने के आरोप में प्रधान सहायक राज्य कर निलंबित - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश में राज्यकर विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप में एक और कर्मचारी पर सोमवार को गाज गिरी। सोनभद्र में तैनात प्रधान सहायक सुदामा पासवान को कर निर्धारण आदेश के एवज में 1.30 लाख रुपये घूस मांगने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। अपर आयुक्त (प्रशासन) राज्य कर सुनील कुमार वर्मा ने सोमवार को निलंबन का आदेश जारी कर दिया।

विज्ञापन


राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड-1 वाराणसी जोन द्वितीय को 21 जून की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजी गई थी। इसमें सुदामा पासवान कर निर्धारण आदेश पारित करने के लिए व्यापारी से 1.30 लाख रुपये मांग रहे थे। इसकी पुष्टि के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई थी। 

राज्य कर उपायुक्त ईश्वर चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में गठित कमेटी में सुधीर गौतम और अजय कुमार की संयुक्त रिपोर्ट में कहा गया कि ऑडियो में आवाज सुदामा पासवान की प्रतीत हो रही है। इसे अत्यंत गंभीर मामला बताते हुए कमेटी ने कठोर कार्रवाई की अनुशंसा की।
विज्ञापन


रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि 15 मई को अपर आयुक्त ग्रेड वन द्वारा राबर्ट्सगंज और मिर्जापुर दौरे के दौरान व्यापारियों ने खुले मंच से सुदामा पासवान के कामकाज की शिकायत की थी। व्यापारियों ने कहा था कि सुदामा पासवान बिना पैसा लिए काम नहीं करते हैं। निरीक्षण के दौरान सुदामा बिना सूचना के ऑफिस से भी गायब पाए गए। 

पूछताछ में पता चला कि बिना अवकाश स्वीकृत कराए ही वह कई दिनों से गायब हैं। इस पर 5 जून को सुदामा का ट्रांसफर भदोही कर कर दिया गया था, लेकिन 15 दिन के अंदर ही रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित कर दिए गए।

विज्ञापन

लापरवाही पर नपे उपायुक्त

दूसरी तरफ अलीगढ़ एसआईबी में तैनात उपायुक्त अखिलेश कुमार सिंह II को उनकी शिथिल कार्य प्रणाली, टीम भावना से काम न कराए जाने, अपने अधीनस्थ पर नियंत्रण न होने और एसआईबी मैनुअल में दी गई प्रक्रिया के अनुरूप पत्रावलियों में विवरण दर्ज न करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। 

उन पर मूल्यांकन शीट न लगाए जाने, छापे के दौरान माल का नाम मात्रा व मूल्य का अंकन न किए जाने, स्टॉक रजिस्टर रखे जाने का उल्लेख न होने जैसी अनियमितताओं के भी आरोप हैं। उनके खिलाफ अनुशासनिक व विभागीय कार्यवाही के साथ आरोपों की जांच के लिए अपर आयुक्त धनंजय शुक्ला को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें