गुडंबा। जानकीपुरम सेक्टर-9 में कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक के बेटे आकाश राजपूत (28) ने फंदा लगा लिया। तीन दिन बाद कमरे से दुर्गंध आने पर घरवालों को घटना की जानकारी हुई।
इंस्पेक्टर जानकीपुरम विनोद कुमार तिवारी ने बताया कि सेक्टर-9 निवासी डॉ. राजेंद्र सिंह दिल्ली में तैनात हैं। उनकी पत्नी सुनीता, बेटी डॉक्टर शिवानी और बेटा आकाश राजपूत घर में रहते हैं। घरवालों के मुताबिक आकाश पीएचडी के छात्र थे। वह स्वभाव से अंतर्मुखी थे और ज्यादातर समय अपने कमरे में अकेले रहते थे। वह कई बार दो-तीन दिन तक बाहर नहीं निकलते थे। कुछ समय से उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। इस स्वभाव के कारण उनका घरवालों से विवाद भी होता था। मंगलवार को मां ने भूतल पर बने कमरे से दुर्गंध आने पर दरवाजा खोला। आकाश का शव अंगोछे से पंखे के सहारे लटका मिला, जो सड़ चुका था। इंस्पेक्टर विनोद कुमार तिवारी ने बताया कि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घरवालों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
श्रमिक ने फंदा लगाकर दी जान
सरोजनीनगर। बिजनौर के कासिमखेड़ा निवासी श्रमिक अनिल रावत (35) ने फंदा लगाकर जान दे दी। पड़ोस में रह रहे उनके भाई गोपी ने बताया कि सोमवार रात अनिल खाना खाने के बाद सोने चले गए। मंगलवार को वह घर से बाहर नहीं निकला। इस पर उन्होंने दोपहर तीन बजे छत पर पड़े जाल से झांककर देखा तो अनिल को कमरे में दुपट्टे के सहारे पंखे के हुक से लटका पाया। उन्होंने पड़ोसियों की मदद से अनिल का शव नीचे उतारा और पुलिस को सूचना दी। इंस्पेक्टर कपिल गौतम के मुताबिक आत्महत्या का कारण पता नहीं चल सका है।