पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर पूरा देश थम गया। स्कूल से लेकर बैंक तक बंद कर दिए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को ही सारे कार्यक्रम रद्द कर दिल्ली चले गए। मुख्य सचिव अनूपचंद्र पांडेय ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण रद्द कर दिया।
सचिवालय से निदेशालयों तक तालाबंदी वाले हालात रहे। सड़कें सूनी नजर आईं, लेकिन कई मंत्री और अफसर इससे बेपरवाह विशेष अवकाश में भी दफ्तर खोलकर बैठे रहे और मातहत कर्मचारियों को ऑफिस आने को मजबूर किया।
सचिवालय के एक अधिकारी बताते हैं कि पूरा देश पूर्व प्रधानमंत्री अटलजी के निधन से अंतिम संस्कार तक टीवी और रेडियो पर चिपका रहा। लोगों की भावना अपने प्रिय नेता से जुड़ी रही है। इसीलिए सरकार ने विशेष अवकाश का एलान किया था। इसके बावजूद सचिवालय में वित्त विभाग खुला रहा।
सुबह आए कर्मी देर शाम तक ड्यूटी करने को मजबूर हुए, मगर कोई मुंह नहीं खोल सकता। पूरे दिन के घटनाक्रम से वे लोग दूर रहने को मजबूर हुए। इसी तरह ऊर्जा विभाग में एक मीटिंग की गई। गन्ना विभाग भी दोपहर से खुल गया। एक मंत्री ने अपने आवास पर गंगा में गिरने वाले सीवर को रोकने से जुड़ी कार्ययोजना पर चर्चा के लिए बैठक की।