प्रदेश के 100 नगरों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का काम अब विश्व बैंक के हवाले होगा।
कूड़ा निस्तारण के लिए आधुनिक डंपिंग ग्राउंड होगा और इसे उठाने को वर्दी वाले कर्मचारी सड़कों पर नजर आएंगे।
राज्य सरकार इसके लिए विश्व बैंक से करार करने जा रही है। प्रदेश के 60 जिलों के 100 निकायों में यह योजना लाई जाएगी। इस पर करीब 2410 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
नगर विकास विभाग ने कैबिनेट से मंजूरी के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। प्रदेश में जेएनएनयूआरएम और यूआईडीएसएसएमटी के तहत में 46 शहरों के कुछ पालिका परिषदों व पंचायतों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का काम चल रहा है।
सरकार चाहती है कि शेष बचे अन्य छोटे नगरों में भी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का काम चले। घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था हो और सड़कों पर इधर-उधर कूड़ा बिखरा हुआ न दिखाई पड़े।
राज्य सरकार ने इस संबंध में केंद्र को प्रस्ताव भी भेजा था, जिस पर सहमति नहीं बन पाई। इसलिए विश्व बैंक की मदद से छोटे शहरों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का काम कराए जाने की तैयारी है।
नगर विकास विभाग ने विगत वर्ष विश्व बैंक से यूपी के दौरे पर आई टीम के समक्ष प्रदेश के 65 जिलों के 177 नगरों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना का प्रस्ताव भी रखा था।
विश्व बैंक की टीम ने इस पर सहमति भी जता दी थी, लेकिन अब यह सहमति बनी है कि 100 नगरों में ही काम कराने का पैसा लिया जाएगा।