मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय में कार्यक्रम को संबोधित करते डॉ सुहैल वहीद
लखनऊ। कहानीकार डाॅ. सुहैल वहीद ने कहा कि सोशल मीडिया लोगों तक अपनी बात को पहुंचाने का सबसे सरल और सुलभ प्लेटफॉर्म है। सोशल मीडिया ने समाज को जोड़ने का काम भी किया है। शनिवार को वो मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय (मानू) के छात्र आगमन प्रेरणा दीक्षारंभ के अंतिम दिन संबोधित कर रहे थे।
मानू के लखनऊ कैंपस में आयोजित छह दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन डॉ. सुहैल वहीद ने कहा कि सोशल मीडिया के अच्छे और बुरे दोनों पहलू हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता उर्दू विभाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पूर्व अध्यक्ष प्रो. शहपर रसूल ने की। उन्होंने कहा कि यह सच है कि सोशल मीडिया की बहुत सी बातें भ्रामक और झूठी होती हैं, लेकिन बहुत सी बातें असाधारण महत्व की होती हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से साहित्य और पत्रकारिता दोनों को महत्त्व मिला है। मानू लखनऊ कैंपस की इंचार्ज प्रो. हुमा याकूब ने कहा कि इस कार्यक्रम से छात्रों को बहुत कुछ सीखने का मौका मिला। स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम के संयोजक डॉ. उमैर मंजर ने संचालन किया और डॉ. नुजहत अख्तर ने मेहमानों का स्वागत किया। इस मौके पर डॉ. मुजाहिद-उल-इस्लाम, डॉ. अदनान बिस्मिल्लाह, रशीदा खातून, डॉ. शाह मोहम्मद फैज, डॉ. जीशान हैदर, डॉ. सुमामा फैसल, अब्दुल रहमान ने अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर नक्श आजाद नमक फिल्म भी छात्रों को दिखाई गई।