फिल्मी परिवार में जन्म लेने और फिल्मों को ही कॅरिअर बनाने वाले अभिनेता इमरान खान इसे बस मनोरंजन का जरिया भर मानते हैं।
वे कहते हैं, सामाजिक सरोकारों से फिल्मों का कोई मतलब नहीं। उनकी नजर में सोशल मीडिया की कोई वैल्यू नहीं क्योंकि यह उनका काम है, जो खाली हैं।
हां, लैंगिक समानता के मुद्दे पर वे सामाजिक सोच में बदलाव को जरूरी मानते हैं। उनका कहना है कि इसकी शुरुआत हमें खुद से, अपने परिवार से, दोस्तों और फिर परिवार से करनी होगी।
यूनिसेफ के ब्रांड एंबेसडर अभिनेता इमरान खान ‘स्टैंडिंग अप फॉर जेंडर इक्वलिटी’ अभियान के तहत रविवार को राजधानी में थे। मीडिया से मुखातिब इमरान ने कहा कि फिल्में एंटरटेनमेंट के लिए होती हैं। हम क्यों चाहते हैं कि इन्हें देखकर समाज बदले।