अफसरों संग बैठक करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन के दौरान शुरू हुईं औद्योगिक इकाइयों में सोशल डिस्टेंसिंग को सख्ती से लागू करवाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन भी क्षेत्रों में संक्रमण का खतरा हो वहां उद्योगों को न चलने दें। उन्होंने कहा कि कोरोना के खतरे को देखते हुए 30 जून 2020 तक कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति न दी जाए।
मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को कालिदास मार्ग स्थित अपने आवास पर अफसरों संग लॉकडाउन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिया कि कोरोना की रोकथाम के लिए पूल टेस्टिंग को बढ़ावा दिया जाए, जिससे कि अधिक से अधिक लोगों की जांच हो सके।
उन्होंने कहा कि कोरोना के उपचार में लगी डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स और अन्य स्टॉफ की टीम को हर हाल में मेडिकल इंफेक्शन से बचाया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड अस्पतालों में अनिवार्य रूप से सिर्फ कोविड संक्रमण का ही इलाज हो अन्य चिकित्सा गतिविधियां इन अस्पतालों में न की जाएं। अस्पतालों में मौजूद कोरोना से संबंधित व अन्य बायोमेडिकल वेस्ट का सुरक्षित डिस्पोजल सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना प्रभावित मरीजों के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी पर भी विचार किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोरोना प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी पर विचार करें। उन्होंने मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य व पुलिस महानिदेशक को सभी 19 संवेदनशील जिलों के नोडल अफसरों से फीड बैक लेने और कोरोना के बढ़ते मामलों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। उन्होंने अपर मुख्य सचिव राजस्व को कम्युनिटी किचन की तरह शेल्टर होम्स की भी जियो टैगिंग कराने के निर्देश दिए।