लखनऊ में करीब पांच दशक से अधिक समय तक राजनीतिक सफर पूरा करने के बाद चिर निद्रा में लीन कल्याण सिंह जब लखनऊ से अंतिम विदाई ले रहे थे तब उनकी देह पर भाजपा का झंडा था।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कल्याण सिंह की इच्छा रविवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पूरी हो गई। राजधानी लखनऊ में करीब पांच दशक से अधिक समय तक राजनीतिक सफर पूरा करने के बाद चिर निद्रा में लीन कल्याण सिंह जब लखनऊ से अंतिम विदाई ले रहे थे तब उनकी देह पर भाजपा का झंडा था।
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पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने एक नहीं कई बार कहा था कि आरएसएस और भाजपा के संस्कार उनके रक्त की बूंद-बूंद में समाए हैं। उन्होंने कहा था कि उनकी इच्छा है कि मेरी इच्छा है कि जीवनभर भाजपा में रहूं और जीवन का अंत हो तो उनका शव भी भाजपा के झंडे में लिपटकर जाए। रविवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में जब प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और महामंत्री संगठन सुनील बंसल उनकी देह पर झंडा लपेट रहे थे तब बाबूजी के वह कथन याद कर कई कार्यकर्ताओं की आंखें नम हो गई।
आज होगा अंतिम संस्कार
पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल कल्याण सिंह का अंतिम संस्कार सोमवार शाम नरौरा में गंगा नदी के तक पट किया जाएगा। उनके अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्र सरकार के कई मंत्री, भाजपा शासित प्रदेशों की सरकारों के मुख्यमंत्री, पार्टी के पदाधिकारी और हजारों समर्थक मौजूद रहेंगे।
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फैसला लेने में विलंब नहीं करते थे कल्याण : राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मैंने कल्याण सिंह के साथ काम किया है। वे फैसला लेने में विलंब नहीं करते थे, जो सोच लिया उसे करते थे। उन्होंने कहा कि उनकी कथनी और करनी में अंतर नहीं था। राम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी प्रमुख और प्रभावी भूमिका रही।