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शिक्षामित्रों के मुद्दे पर स्मृति ने दिया बड़ा बयान, किया वादा

Mon, 21 Sep 2015 10:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वाराणसी दौरे के दौरान शिक्षामित्रों को दिलासा देते हुए बयान जारी किया था कि वह राज्य सरकार इस मसले का हल जरूर निकालेगी।
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रविवार को अमेठी में अपने दौरे के दौरान मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने शिक्षामित्रों को यकीन दिलाया कि उनके साथ न्याय होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र धैर्य धैर्य बनाए रखें, उनके साथ न्याय होगा। वे शिक्षा मित्रों के अधिकारों का संरक्षण करेंगी। वह अमेठी में आयोजित फलदार पौध वितरण कार्यक्रम में बोल रही थीं।

उन्होंने कहा कि मैने यूपी सरकार से शिक्षा मित्रों के पूरे केस का डिटेल मांगा है, डिटेल मिलते ही हल निकाला जाएगा। इसके बाद यह स्पष्ट हो गया है कि केंद्र सरकार शिक्षामित्रों के अधिकारो को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
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वहीं, कांग्रेस की ओर से कानूनी नोटिस पर भड़कीं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने रविवार को राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र में ही उन्हें ललकारते हुए चुनौती दी कि दम हो तो उन्हें सलाखों के पीछे भेजें। वे सलाखों के पीछे से भी अमेठी की जनता की आवाज उठाती रहेंगी। स्मृति ईरानी ने पौध वितरण कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही।

'मेरे अमेठी आन से कुछ लोग विचलित हो जाते हैं'

स्मृति ईरानी ने कहा कि उनके अमेठी आने से कुछ लोग व पार्टियां विचलित हो जाती हैं। शनिवार रात नौ बजे उनके घर पर एक अधिवक्ता आए और उनके परिवारीजनों को एक लिफाफा दे गए।

लिफाफे में कांग्रेस की ओर से भेजा गया लीगल नोटिस था जिसमें लिखा था कि यदि मैं कांग्रेस और गांधी परिवार के खिलाफ बोलूंगी तो वे मुझ पर कार्यवाही करेंगे। स्मृति ने कांग्रेस और अमेठी के सांसद राहुल गांधी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि इस देश की नारी को अबला और कमजोर न समझें।

अमेठी की जनता ने मुझे दीदी कहा है तो कोई मेरे मुंह पर ताला नहीं लगा पाएगा। आपने मुझे नोटिस भेजा है, अब अमेठी में दूध का दूध और पानी का पानी करके रहूंगी।

स्मृति ने कहा कि मैंने अमेठी की जनता की आवाज को बुलंद करते हुए किसानों गरीबों और मजलूमों के हक की लड़ाई लड़ी है। मुझे ऐसे सौ नोटिस स्वीकार हैं।

यदि कांग्रेस और राहुल गांधी में दम है तो मुझे सलाखों के पीछे भेज दें। मैं सलाखों के पीछे से अमेठी के लिए आवाज उठाती रहूंगी। स्मृति ने कहा कि हमारा यह रिश्ता मात्र चुनाव तक सीमित नहीं है। मैंने गांव-गांव गली-गली जाकर अमेठी की हकीकत जानने की कोशिश की है।

कांग्रेसियों ने पुलिस पर किया पथराव

मानव संसाधन विकास मंत्री के एक दिवसीय अमेठी दौरे पर कांग्रेसियों ने जमकर हंगामा किया। कांग्रेस की ओर से आयोजित किसान सम्मान समारोह में आईं समूह की महिलाओं को रोकने में पुलिस के पसीने छूट गए। प्रदर्शनकारी महिलाओं के साथ मौजूद पुरुषों ने पुलिस पर पत्थरबाजी भी की। इससे हैरान प्रशासन ने स्मृति का मार्ग बदलते हुए उनके काफिले को जामों मार्ग के बजाय मुसाफिरखाना की तरफ से लखनऊ के लिए रवाना किया।

मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के एक दिवसीय दौरे के दौरान कांग्रेस ने जिला मुख्यालय स्थित रणंजय इंटर कॉलेज मैदान और अमेठी स्थित पार्टी कार्यालय में किसान सम्मान समारोह का आयोजन किया था। गौरीगंज में आयोजित कार्यक्रम में रायबरेली से काफी संख्या में समूह की महिलाएं आई थीं।

स्मृति के गौरीगंज कार्यक्रम में पहुंचने की सूचना मिलते ही करीब 500 महिलाएं निकलकर स्मृति के कार्यक्रम स्थल की ओर कूच कर गईं। इसकी भनक लगते ही पुलिस ने पहले तो उन्हें कोतवाली के समीप रोकने का प्रयास किया लेकिन महिलाएं शहर की गलियों से होकर मुसाफिरखाना तिराहे पर पहुंच गईं।

यहां पुलिस ने मुंशीगंज सड़क पर रस्सी लगाकर उन्हें रोका तो पुलिस ने भी नोकझोंक शुरू हो गई। इसी बीच महिलाओं के साथ मौजूद कुछ पुरुष कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस कुछ कांग्रेसियों को मौके से पकड़ कर थाने ले गई। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

शिक्षामित्रों के मामले को बनाया जा रहा राजनीतिक मुद्दा

मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से अमेठी दौरे पर टीईटी-बीएड संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। डिग्रीधारी बेरोजगारों ने प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति की मांग की।

रविवार को गौरीगंज में आयोजित कार्यक्रम में बीटीसी-बीएड संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष शैलेश उपाध्याय व महामंत्री अजय ठाकुर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से मुलाकात की।

मुलाकात के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार प्रशिक्षित और योग्यताधारी युवकों की प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति न कर राजनीतिक लाभ लेने के लिए शिक्षामित्रों का समायोजन करना चाहती है।

प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों में लगभग पांच लाख पद शिक्षकों के रिक्त हैं जबकि तीन लाख बीएड-टीईटी उत्तीर्ण एवं 70 हजार बीटीसी-टीईटी उत्तीर्ण युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने प्राथमिक शिक्षा के सुधार के लिए बीएड-टीईटी व बीटीसी-टीईटी उत्तीर्ण बेरोजगारों की नियुक्ति के लिए आदेश पारित करने की मांग की।
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दिल्ली में मुलाकात का मांगा समय

टीईटी मोर्चा ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से दिल्ली में मुलाकात का समय मांगा है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा है कि दिल्ली में मुलाकात कर प्रदेश में शिक्षामित्रों की नियुक्ति को लेकर चल रहे राजनीतिक मामलों से अवगत कराया जाएगा।

कार्यकारिणी का गठन
स्वदेशी जागरण मंच की एक बैठक रविवार को हुई। इस दौरान मंच की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें लाल बहादुर गुप्त को संचालक व शीतला प्रसाद जायसवाल को संघर्ष वाहिनी का प्रमुख मनोनीत किया गया।

इसके अलावा संयोजन समिति के लिए धर्मेंद्र द्विवेदी को संयोजक, आशीष तिवारी को सह संघर्ष वाहिनी प्रमुख, एमपी गुप्त को सह संपर्क प्रमुख, डॉ. रमेश उपाध्याय को युवा प्रमुख, हरखूबरन उपाध्याय व दिनेश श्रीवास्तव को प्रचार प्रमुख, वीरेंद्र भार्गव को सह प्रचार प्रमुख, दया शंकर गुप्त करे पत्रिका प्रमुख, जेपी मिश्र को कार्यालय प्रमुख बनाया गया है।

इस मौके पर विभाग संयोजक सुरेश नारायण शुक्ल, विधि प्रकोष्ठ प्रमुख बृजेंद्रमणि, जिला संयोजक डॉ. रामजी गुप्त समेत कई लोग मौजूद रहे।
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