बसंतकुंज योजना के दिन बहुरेंगे। एलडीए ने इसके विकास के लिए 800 करोड़ रुपये का डवलपमेंट प्लान बनाया है। इसके तहत निजी कंसल्टेंट की मदद से स्मार्ट सिटी की तर्ज पर स्मार्ट जोन बनाए जाने की योजना है।
यहां अत्याधुनिक नगर नियोजन से जुड़ी तमाम सुविधाएं होंगी। मसलन ड्रेनेज सिस्टम इंट्रीग्रेटेड होंगे। नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाएं और डंपिंग यार्ड जैसी सुविधाएं भी होंगी। एलडीए के पूर्व वीसी पीएन मिश्रा की कंपनी आरपीईएल ने प्लान तैयार किया है।
आरपीईएल प्राधिकरण की नॉलेज पार्टनर बना दी गई है। पीएन मिश्रा जब वीसी थे, तब गोमतीनगर योजना को विकसित किया गया था, अब अमृत योजना के तहत केंद्र सरकार से आर्थिक मदद लेने के लिए उनको नॉलेज पार्टनर चुना गया है।
नॉलेज पार्टनर के तौर पर ये कंपनी शहर को छह हिस्सों में बांट रही है। इसमें सबसे पहले जोन-6 यानी हरदोई रोड का खाका प्राधिकरण के सामने रखा गया है। एलडीए ने कंपनी को अन्य पांच जोन के लिए भी प्लान तैयार करने को कहा है।
दरअसल एलडीए बसंतकुंज कॉलोनी की सभी कमियां दूर करने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा उच्च आय वर्ग के लिए भी अलग से आवासीय योजना भविष्य में लाई जाएगी।
ये योजना सीधे मेट्रो रेल परियोजना से प्राधिकरण जोड़ रहा है। यही वजह है कि इस क्षेत्र का नए सिरे से विकास करना होगा।
किस पर कितना खर्च
आवासीय सुविधाएं-400 करोड़
इंटीग्रेटेड ड्रेनज सिस्टम-200 करोड़
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट-100 करोड़
अन्य अवस्थापना सुविधाएं -100 करोड़
‘हम आरईपीएल को अपने साथ जोड़ चुके हैं। उन्होंने हरदोई रोड योजना के लिए योजना बनाई है। बजट की कोई समस्या नहीं होगी। बहुत जल्द ही नई योजनाएं लॉन्च की जा रही हैं। कुछ की लॉन्चिंग हो चुकी है। बसंतकुंज कॉलोनी एक आदर्श बनेगी।’
सत्येंद्र कुमार सिंह, उपाध्यक्ष, एलडीए