लखनऊ। स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, लेकिन बिजली विभाग के अफसर इन शिकायतों के प्रति उदासीन रवैया अपना रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटरों के मनमौजी ढंग से चलने, गलत रीडिंग देने और अत्यधिक लोड दर्शाने जैसी समस्याओं को लेकर जब वे शिकायत दर्ज कराते हैं, तो उनकी सुनवाई नहीं होती और उन्हें बिना किसी समाधान के लौटा दिया जाता है। इस लापरवाही के कारण उपभोक्ता परेशान हैं और उन्हें भारी बिलों का सामना करना पड़ रहा है।
केस एक : 20,485 का भेजा गलत बिल
गायत्रीनगर, मड़ियांव सीतापुर रोड निवासी द्रौपदी सिंह ने बताया कि 15 जून 2024 को सोलर सिस्टम लगा। सोलर लगने के बाद काफी समय तक बिजली बिल सही आते रहे। प्रतिमाह 300 से 600 रुपये का बिल जमा किया जाता रहा। इसके बाद भी 20,485 रुपये का गलत बिल भेज दिया गया।
केस दो : 20 माह से जनरेट नहीं हुआ बिल
एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड निवासी अंकित गुप्ता ने बताया कि उनके कनेक्शन संख्या 4477198511 का बिजली बिल 21 माह से जनरेट ही नहीं हुआ है। पिछला बिल अक्तूबर 2024 में बिल बना था। कॉल सेंटर 1912 से लेकर इंद्रलोक हाइडिल कॉलोनी कार्यालय में शिकायत दर्ज करा चुके हैं, मगर सुनवाई नहीं हो रही है।
केस तीन : 2300 यूनिट का समायोजन नहीं
रहीमनगर डुडौली फैजुल्लागंज निवासी वीरेंद्र यादव ने बताया कि दीप नारायण यादव के नाम पर पांच केवी के कनेक्शन नंबर 9765234285 पर सोलर लगा है। सोलर ने 2300 यूनिट बिजली का उत्पादन किया, जिसका समायोजन किए बिना ही 33,750 का बिल भेज दिया गया है।
केस चार : सात किलोवाट कर दिया विद्युत लोड
दुबग्गा खंड की मनीषा अवस्थी ने बताया कि दो किलोवाट का व्यावसायिक बिजली कनेक्शन (खाता नंबर 8820372479) है। एक साल से इस कनेक्शन पर एक किलोवाट से कम लोड चला। मीटर की खराबी से जुलाई 2025 में लोड सात किलोवाट हो गया, जिसे बढ़ा दिया। न तो मीटर की जांच कर रहे, न ही लोड कम कर रहे।
शिविर में जाएं, समाधान होगा
उपभोक्ताओं की बिजली बिल, मीटर, सोलर यूनिट समायोजन आदि जो भी समस्या है, अपने पास के शिविर में जाकर उसका समाधान करा सकते हैं। समस्या के समाधान में जो लापरवाही बरतेंगे, उन पर कार्रवाई होगी।
- रजत जुनेजा, निदेशक (वाणिज्य), मध्यांचल विद्युत वितरण निगम