भार जंपिंग मामले में जांच के लिए सेंटर पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपीआरआई) भेजे गए स्मार्ट मीटर मानकों पर खरे नहीं पाए गए हैं। सीपीआरआई की ओर से पावर कॉर्पोरेशन को मिली जांच रिपोर्ट में ज्यादातर नमूने स्मार्ट मीटर मुख्य पैरामीटर में ही फेल हो गए हैं। वहीं कुछ मीटरों की रिपोर्ट पहले ही आ जाने के बावजूद उसे दबाए रखने वाले अभियंताओं पर भी शिकंजा कस रहा है।
पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने इस पर संबंधित अभियंताओं से जवाब-तलब करते हुए पूरी रिपार्ट मांगी है। उधर, करीब नौ महीने पहले इस मामले की शिकायत करने वाले राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट मीटरों की गहन जांच कराने और निर्माता कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की मांग की है। सीपीआरआई की जांच में स्मार्ट मीटर की तकनीक मानकों पर खरी नहीं उतरी है।
आशंका जताई जा रही है कि जब इन मीटरों में भार जंपिंग हो सकती है तो मीटर रीडिंग भी जंप कर सकती है। ऐसे में इसकी जांच कराई जानी चाहिए। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा करीब नौ महीने पहले स्मार्ट मीटरों में भार जंपिंग का मामला सामने आने के बाद ऊर्जा मंत्री से शिकायत की गई थी। 4518 स्मार्ट मीटरों का भार तीन गुना से भी ज्यादा जंप कर गया था, जिस पर ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर पावर कॉर्पोरेशन ने चार सदस्यीय कमेटी बनाई थी।