ग्रामीण भारत में आज भी जारी बाल विवाह के चलन के खात्मे के लिए अमर उजाला फाउंडेशन, यूनिसेफ, फ्रेंड फिया फाउंडेशन और जेएमसी की ‘स्मार्ट बेटियां’ मुहिम रंग लाई है। उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती और बलरामपुर जिलों के गांवों में रहने वाली स्मार्ट बेटियों की बनाई वीडियो कथाओं को डेढ़ माह में 50 लाख से भी अधिक लोगों ने देखा है।
यानी हर रोज एक लाख से ज्यादा। एक करोड़ से अधिक लोगों तक यह वीडियो कथाएं विभिन्न माध्यमों से पहुंची हैं। ऐसी प्रेरणादायक कथाओं को बनाने वाली समझदार बेटियों और अपनी जिद से बाल विवाह रोकने वाली जुझारू बेटियों के साथ ही उनके अभिभावकों को मंगलवार को गोमतीनगर स्थित हिल्टन गार्डन इन होटल में होने वाले समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और महिला बाल विकास मंत्री रीता बहुगुणा उन्हें सम्मानित करेंगी। ये बेटियां और इनके अभिभावक बदलते ग्रामीण भारत के चमकदार प्रतिनिधि हैं। उप्र के श्रावस्ती और बलरामपु़र, इन दोनों जिलों की स्मार्ट बेटियों को गत जून-जुलाई में तीन सत्रों में चार दिवसीय ट्रेनिंग दी गई थी, जिनमें बाल विवाह से जुड़े मुद्दों के विभिन्न आयामों के अलावा पत्रकारिता शैली का लेखन और मोबाइल कैमरे से वीडियो शूटिंग की बारीकियों से अवगत कराया गया था। उसके बाद गांव-गांव जाकर इन्होंने बाल विवाह के खिलाफ काम कर रहे योद्धाओं को ढूंढा और उनकी कहानियों को अपने फोन के कैमरे में कैद किया।