केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि देश में 500 इंक्यूबेशन सेंटर खोले जाएंगे। इनमें कक्षा 10 या इससे कम पढ़े लिखे नौजवानों को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
इन केंद्रों में छोटे उद्योग जैसे चिप्स, पापड़ व मसाला बनाने प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन्हें यह भी बताया जाएगा कि कम पैसों में भी वे किस प्रकार अपना उद्यम लगा सकते हैं।
इसके लिए पैसा कहां से मिलेगा इसकी जानकारी भी इन केंद्रों में दी जाएगी। कलराज मिश्र सोमवार को लखनऊ में पत्रकारों से मुखातिब थे।
देश भर में 3.60 करोड़ इकाईयां
कलराज मिश्र ने कहा कि उनका मंत्रालय ऐसा है जो भारत के आर्थिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। देश भर में 3.60 करोड़ इकाईयां हैं।
इनमें करीब आठ करोड़ लोग काम करते हैं। देश की जीडीपी में आठ फीसदी योगदान इसी मंत्रालय का है। निर्माण क्षेत्र में 45 प्रतिशत हिस्सा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम का है।
निर्यात क्षेत्र में भी 40 फीसदी योगदान है। उनका विभाग कम पढ़े लिखे-खासकर पिछड़े क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रहा है।
पूर्वांचल व बुंदेलखंड पर फोकस
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लघु उद्योग लगाने के लिए कौशल विकास का प्रशिक्षण भी उनके यहां दिया जाता है। अभी कौशल विकास के देश में 18 केंद्र हैं।
ऐसे 15 केंद्र और शुरू किए जाएंगे। टूल रूम भी 56 हैं। इन्हें बढ़ाकर 100 किया जाना है। इसमें टूल के बारे में युवाओं को प्रशिक्षित किया जाता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब उनकी प्राथमिकता होगी कि पूर्वांचल व बुंदेलखंड में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया जाए।
इन क्षेत्रों में मिलने वाले कच्चे माल के अनुसार ही मंत्रालय युवाओं को उद्यम लगाने की सलाह देगा। मौके पर प्रदेश के प्रमुख सचिव खादी ग्रामोद्योग मुकुल सिंघल भी उपस्थित थे।
ऐसे दूर होंगी दिक्कतें
उद्योग लगाने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय शीघ्र ही सिंगल विंडो सिस्टम लागू करेगा।
कलराज मिश्र ने कहा कि उद्यम लगाने में कठिनाई चाहे वह बैंक से संबंधित हो या फिर एनओसी से जुड़ी, सभी को दूर इसी माध्यम से करवाया जाएगा।
इसके अलावा लघु उद्योगों की जो भी और परेशानियां हैं उन्हें भी दूर किया जाएगा।