अब छोटे शहरों में भी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना लागू होगी। कैबिनेट ने योजना का क्रियान्वयन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में करने का निर्णय किया है।
प्रदेश के 60 जिलों की 100 निकायों में यह योजना चलाई जाएगी। इस पर करीब 2410 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है।
राज्य सरकार ने पहले इस संबंध में केंद्र को प्रस्ताव भेजा था, जिस पर सहमति नहीं बन पाई। इसलिए विश्व बैंक की मदद से इसे क्रियान्वित किए जाने की तैयारी है।
कैबिनेट की बैठक में तय किया गया कि इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार के आर्थिक कार्य विभाग को भेजा जाएगा। वहां से ही विश्व बैंक से लोन लेने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया जाएगा।