लखनऊ। बिहार के मुजफ्फरपुर से पंजाब के पटियाला जा रही 47 सीटर स्लीपर बस में 167 यात्री सफर करते मिले। कई यात्री छत पर भी बैठे हुए थे। पूर्वांचल एक्सप्रेस पर चेकिंग के दौरान परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम ने बस सीज कर दी।
आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया कि एआरटीओ प्रवर्तन आलोक कुमार यादव की टीम सोमवार को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर डग्गामार बसों की जांच कर रही थी। इसी बीच गोसाईंगंज में टोल के पास स्लीपर बस (यूपी 31 बीटी 0077) आती दिखी, जिसकी छत पर भी कई यात्री बैठे हुए थे। प्रवर्तन टीम ने बस रुकवाई और जांच की तो बस का ऑल इंडिया परमिट समाप्त पाया गया। इसमें स्लीपर के लिए 10 और बैठने के लिए 37 सीटों की ही मान्यता थी, मगर इससे चार गुना यात्रियों को बैठाकर सफर कराया जा रहा था।
यात्रियों को उतारकर बस सीज कर दी गई। फिर यात्रियों को रोडवेज की दो और एक निजी बस से आगे रवाना किया गया। वहीं, बस का परमिट और चालक का डीएल निरस्त करने की संस्तुति की गई है। बस की तकनीकी जांच भी कराई जाएगी।
दो इंटरसेप्टर नहीं पकड़ सकीं बस
सूत्रों ने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस पर जहां कार्रवाई हुई है, वहीं पर परिवहन विभाग के दो इंटरसेप्टर भी खड़े थे, लेकिन इंटरसेप्टर के अफसरों को बस नजर नहीं आई। ऐसे में अफसरों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
इमरजेंसी गेट की जगह लगी थी बेंचें
स्लीपर बस की बनावट से भी छेड़छाड़ की गई थी। अंदर इमरजेंसी गेट के पास बेंच लगाई गई थी। पैसेज में भी यात्रियों को बिठाया गया था। इतना ही नहीं यात्रियों को बस की छत पर भी बिठाकर यात्रा कराई जा रही थी।
इसी बस को किया गया है सीज।
इसी बस को किया गया है सीज।
इसी बस को किया गया है सीज।