लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए सोमवार को श्रम व सेवायोजन विभाग के साथ एमओयू किया गया। इसके तहत भाषा दक्षता को व्यावसायिक कौशल से जोड़ते हुए युवाओं की रोजगार क्षमता विकसित की जाएगी। श्रम व सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर और कुलपति प्रो. अजय तनेजा की मौजूदगी में एमओयू हुआ।
मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि अवसरों का द्वार है। जब इसे व्यावहारिक कौशल के साथ जोड़ा जाता है तो युवाओं की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती हैं।
कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि यह समझौता शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी को कम करने की दिशा में सार्थक पहल है। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे छात्रों को बदलते बाजार के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी और शोध, प्रशिक्षण और प्लेसमेंट के नए अवसर मिलेंगे। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार डॉ. महेश कुमार, डीन एकेडमिक्स प्रो. सौबान सईद तथा डॉ. सुमन कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारी व स्टाफ थे।
ये कार्यक्रम होंगे आयोजित
इंटर्नशिप व प्लेसमेंट के अलावा विद्यार्थियों के लिए संयुक्त कार्यशालाएं, संगोष्ठी और कॅरिअर परामर्श सत्रों का आयोजन किया जाएगा। रोजगार प्रवृत्तियों व कार्यबल विकास से संबंधित शोध को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।