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Lucknow News: छह महिलाओं को मालती देवी सम्मान

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सम्मान समारोह व कवि सम्मेलन में शेर सुनातीं सुमैया राना और अरमान रजा बलरामपुरी। कार्यक्रम में म
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लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस के उपलक्ष्य में कैसरबाग के एक बैंक्वेट हॉल में शुक्रवार को स्व. मालती देवी सम्मान समारोह व कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता व वरिष्ठ पत्रकार कुलसुम तलहा समेत छह महिलाओं को सम्मानित किया गया। इसके बाद कवि सम्मेलन व मुशायरे का भी आयोजन हुआ, जिसमें रचनाकारों ने अपनी शायरी और कविताओं से श्रोताओं का मनोरंजन किया।
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मां स्वर्गीय मालती देवी की स्मृति में आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथि सपा नेता जूही सिंह ने सभी महिलाओं को सम्मानित किया। वरिष्ठ सपा नेता व विधायक रविदास मेहरोत्रा की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में कुलसुम तलहा के अलावा साहिबा सिद्दीकी, शांति देवी, सबा, रेशमा और सीता कुमारी को उनके सामाजिक योगदान के लिए मालती देवी सम्मान से नवाजा गया। विशिष्ट अतिथि के रूप में फखरुल हसन चांद, साबरा हबीब, दीपक रंजन, मीनाक्षी अग्रवाल और सरोज यादव भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन व संयोजन सुमैया राना ने किया।

इनसेट
...आह निकले भी अगर कोई तो आवाज न हो

सम्मान समारोह के बाद आयोजित कवि सम्मेलन व मुशायरे में शायर बिलाल सहारनपुरी, रुखसार बलरामपुरी, प्रतिभा यादव, अरमान रजा बलरामपुरी, इकबाल यूसुफ, तस्लीम सरवर और फराह नाज ने अपने कलाम और कविताएं पेश कीं। बिलाल सहारनपुरी ने अपनी शायरी से खूब तालियां बटोरीं। उन्होंने पढ़ा- जुल्म के साथ है ये शर्त भी उस जालिम की, आह निकले भी अगर कोई तो आवाज न हो। कार्यक्रम संयोजक सुमैया राना ने अपने मरहूम वालिद मुनव्वर राना का मशहूर शेर पढ़कर सभी माताओें को मातृ दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पढ़ा- इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है, मां बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।

सम्मान समारोह व कवि सम्मेलन में शेर सुनातीं सुमैया राना और अरमान रजा बलरामपुरी। कार्यक्रम में म

सम्मान समारोह व कवि सम्मेलन में शेर सुनातीं सुमैया राना और अरमान रजा बलरामपुरी। कार्यक्रम में म

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