तेज आंधी के कारण गुरुवार दोपहर से बाधित हुआ ट्रेनों का संचालन शुक्रवार तक भी पटरी पर नहीं आ सका। बाराबंकी और सफेदाबाद के बीच पटरियों पर आधा दर्जन पेड़ गिरने के साथ ही ओएचई लाइन भी ठप हो गई।
आलमनगर में भी रेल ओएचई पर पेड़ गिरने के कारण शुक्रवार को कानपुर, बाराबंकी और हरदोई की छह मेमू ट्रेनें रद्द कर दी गईं। जबकि गुरुवार देर रात से बीच रास्ते फंसी ट्रेनें शुक्रवार सुबह तक निकल सकीं।
वहीं शताब्दी एक्सप्रेस के अलावा पांच दर्जन मेल व एक्सप्रेस ट्रेनें, पैसेंजर और मेमू सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। बाराबंकी यार्ड में गुरुवार को पांच पेड़ गिरने से गोरखपुर-लखनऊ रेलखंड पर ट्रेन संचालन बुरी तरह ठप हो गया।
गोरखपुर इंटरसिटी शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक गोमतीनगर स्टेशन पर खड़ी रही। ट्रेन 15652 लोहित एक्सप्रेस को काकोरी में शाम 6:30 से रात 8:10 बजे तक खड़ा रखा गया। यह ट्रेन 5:15 घंटा देर से लखनऊ पहुंच सकी।
ट्रेन 15668 कामाख्या गांधी धाम एक्सप्रेस को फैजाबाद-बाराबंकी के बीच 3 घंटे तक रोका गया। ट्रेन 5707 आम्रपाली एक्सप्रेस शाम 4:36 बजे समय से पहले ही जहांगीराबाद पहुंच गई थी। यह ट्रेन यहां 4 घंटे तक खड़ी रही।
ट्रेन 13009 दून एक्सप्रेस रसौली में शाम 6:09 से रात 8:15 बजे तक रोके रखा गया। ट्रेन 15653 अमरनाथ एक्सप्रेस गोंडा में शाम 6:28 से रात 11:20 बजे तक खड़ी रही।
ट्रेन 11124 ग्वालियर-बरौनी मेल भी कानपुर और लखनऊ के बीच एक घंटा लेट हुई। ट्रेन 14203 वाराणसी इंटर सिटी रायबरेली में ढाई घंटा लेट हुई।
ट्रेन 14124 कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी अमौसी में 45 मिनट और 13483 फरक्का एक्सप्रेस सफदरगंज में 75 मिनट तक खड़ी रही। अवध आसाम एक्सप्रेस लखनऊ से एक घंटा देर से रवाना हुई।
लेकिन गोरखपुर पहुंचने तक यह पांच घंटे लेट हो गई। ट्रेन 15204 लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस भी बाराबंकी से गोरखपुर के बीच पांच घंटा खड़ी रही। शुक्रवार रात करीब 12 बजे के बाद ट्रेन संचालन शुरू हो सका।
लेकिन इसे सामान्य होने तक सुबह हो गई। शुक्रवार को ट्रेन 12230 लखनऊ मेल 45 मिनट देर से आयी।