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Lucknow News: प्रदेश की छह विभूतियों को मिला उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान, उपराष्ट्रपति ने दी 11-11 लाख की पुरस्कार राशि

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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ लोगों को सम्मानित करते हुए। साथ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमं
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस पर अवध शिल्पग्राम में शुक्रवार को आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने प्रदेश की छह विभूतियों को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान से नवाजा। सभी को पुरस्कार स्वरूप 11-11 लाख की धनराशि और प्रशस्ति पत्र दिया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी को बधाई दी।
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पुरस्कार पाने वाली विभूतियों में वाराणसी निवासी संगीतकार व भौतिकी वैज्ञानिक डॉ. कृष्णकांत शुक्ला, वृंदावन निवासी इंजीनियर हिमांशु गुप्ता, बुलंदशहर के कृषि उद्यमी कर्नल सुभाष देशवाल, बहराइच निवासी केला उद्यमी जय सिंह, लखनऊ के उद्यमी मनीष वर्मा और बुलंदशहर की कृष्णा यादव का नाम शामिल है। अमर उजाला से खास बातचीत में इन विभूतियों ने अपने अनुभव साझा किए।

डॉ. कृष्णकांत ने किया कबीर, सूर, तुलसी, मीरा की रचनाओं का अंग्रेजी में अनुवाद
संगीतकार, भाैतिकी विज्ञानी, पर्यावरणविद और कवि डॉ. कृष्णकांत शुक्ला वाराणसी के मूल निवासी हैं। अमेरिका में काफी अरसे तक काम करने के दौरान उन्होंने सूर, तुलसी, मीरा, कबीर, गोरक्षनाथ और तुकाराम की रचनाओं का अंग्रेजी में अनुवाद किया है। इसे भारतीय शास्त्रीय संगीत में ढालकर गाया भी। उन्होंने बताया कि पं. कुमार गंधर्व, उस्ताद अली अकबर, लक्ष्मी शंकर और डॉ. तपन भट्टाचार्य से संगीत की शिक्षा ली। बताया, आध्यात्मिक परिस्थितिकी के माध्यम से वेद के ज्ञान से पर्यावरण प्रदूषण व अन्य समस्याओं का समाधान कैसे हो सकता है, इस पर भी उन्होंने काम किया।
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सहेली से 500 रुपये उधार लिए, खड़ा किया करोड़ों का कारोबार
बुलंदशहर की उद्यमी कृष्णा यादव ने बताया कि एक समय ऐसा आया कि जब उनके पति को व्यवसाय में बहुत ज्यादा नुकसान हो गया। वे हताश हो गईं और सहेली से 500 रुपये उधार लेकर काम की तलाश में दिल्ली गईं। उन्होंने बताया कि काफी संघर्ष के बाद 1995 में एक छोटे से कमरे से अचार का व्यवसाय शुरू किया। सब्जियां उगाईं और अचार-मुरब्बा बनाकर बेचना शुरू किया। आज उनका कारोबार सात करोड़ से ऊपर का है।

किराये पर ढाई एकड़ जमीन ली और आज 1200 एकड़ में उगा रहे गाजर
सेना से रिटायर होने के बाद बुलंदशहर के सिकंदराबाद निवासी कर्नल सुभाष देशवाल ने ढाई एकड़ जमीन किराए पर लेकर गाजर उगाना शुरू किया। आज वह 1200 एकड़ जमीन में गाजर उगा रहे हैं और देश के सबसे बड़े गाजर उत्पादक हैं। वर्ष 2000 में उन्होंने खेती की शुरुआत की और आज करोड़ों का टर्नओवर है। उन्होंने बताया कि लाल कृष्ण यादव के साथ मिलकर उन्होंने कंपनी की शुरुआत की थी। फूड प्रोसेसिंग में उनकी कंपनी आज देश की अव्वल कंपनियों में से एक है।

वेयर हाउसिंग और फूड प्रोसेसिंग के साथ ड्रीम वर्ल्ड को किया स्थापित
लखनऊ के उद्यमी मनीष वर्मा ने बताया कि उन्होंने 2008 में कानपुर रोड पर ड्रीम वर्ल्ड रिसॉर्ट की शुरुआत की। इससे पहले उनके परिवार में कोई भी इस बिजनेस में नहीं था। मूल रूप से इलाहाबाद के नैनी के रहने वाले और अब लखनऊ निवासी मनीष वेयर हाउसिंग, फूड प्रोसेसिंग, कृषि, मत्स्य पालन समेत कई तरह से उद्यमों से जुड़े हैं। पर्यावरण संरक्षण पर भी वे काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गोमतीनगर में फाइव स्टार होटल की भी शुरुआत करने जा रहे हैं।

केला उत्पादन में देश भर में बढ़ाया प्रदेश का मान
बहराइच के जय सिंह इस समय देश के सबसे बड़े केला उत्पादकों में से एक हैं। उन्होंने बताया कि मेरे सामने चुनौती थी कि यूपी के गर्म मौसम में कैसे केले की खेती को बढ़ावा दिया जाए। 1972 में लखनऊ विवि से बायो केमिस्ट्री से एमएससी करने वाले जय सिंह ने 1983 में बेहतर भविष्य के लिए पुश्तैनी जमीन पर केले की खेती शुरू की। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से उन्हें सर्वश्रेष्ठ केला किसान का सम्मान मिल चुका है। इसके अलावा चौधरी चरण सिंह पुरस्कार से भी वे सम्मानित हो चुके हैं।

हिमांशु का एआई एप किसानों को बता रहा कैसी होगी फसल
वृंदावन के मूल निवासी हिमांशु गुप्ता ने आईआईटी खड़गपुर से बीटेक किया और आगे की पढ़ाई अमेरिका की स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से की। हिमांशु आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिये किसानों को फसल को लेकर पूर्वानुमान की जानकारी दे रहे हैं। इसके लिए उन्होंने एक एप भी बनाया है। हिमांशु ने बताया कि यह एप बताता है कि इस बार फसल के लिए मौसम कैसा रहेगा, कब बीज डालें और कब फसल काटें। उन्होंने बताया कि 60 देशों में आईटीसी के सहयोग से करीब ढाई करोड़ लोग इस एप का फायदा उठा रहे हैं। उनके शोध को टाइम मैगजीन ने सर्वश्रेष्ठ शोध के रूप में प्रकाशित किया था। उन्होंने बताया कि वे क्लाइमेट एआई के सीईओ हैं। 2012 में राष्ट्रीय पंचवर्षीय योजना में भारत के नवीनीकरण ऊर्जा से जुड़े मसौदे को तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाई।
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