इटावा लॉयन सफारी में जल्द ही 6 और बब्बर शेरों की दहाड़ गूंजेगी। केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने इसके लिए वन विभाग को हरी झंडी दे दी है।
अगले 72 घंटों में शेरों को शिफ्ट करने का प्लान बन रहा है। बुधवार से ही प्रोजेक्ट से जुडे़ आला अफसर इसकी तैयारी में जुट गए। सफारी में 11 अप्रैल को ही बब्बर शेर के एक जोड़े को उतारा जा चुका है।
इटावा लॉयन सफारी सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट है। प्रोजेक्ट के तहत लाए गए चार शेर लखनऊ जू में तो दो कानपुर जू में रखे गए हैं।
शेरों को उतारे जाने के लिए सीजेडए की हरी झंडी मिलने का इंतजार था। वहां से ग्रीन सिग्नल मिलते ही शेरों को सफारी में उतारने के लिए विभाग के आला अफसरों की बुधवार को बैठक हुई।
दोनों ही प्राणि उद्यानों के आला अफसरों को शिफ्टिंग की तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है। इन छह शेरों की शिफ्टिंग के बाद सफारी में शेरों का कुनबा 8 हो जाएगा। इसके बाद वहां ब्रीडिंग शुरू कराया जा सकेगा।
88 पदों पर भर्ती जल्द
सफारी के लिए प्रोजेक्ट के तहत 88 कर्मचारियों को तैनात किया जाना है। इन पदों में कीपर, सपोर्टिंग स्टाफ, चतुर्थ श्रेणी कर्मी, सफाई कर्मी, कार्यालय स्टाफ समेत कई अन्य स्टाफ शामिल हैं। अधिकतर स्टाफ ब्रीडिंग सेंटर में अस्पताल, कीपिंग से जुड़े रहेंगे।
सूत्रों की मानें तो शेरों को उतारे जाने के बाद प्रदेश के प्राणि उद्यानों से डॉक्टरों की टीम वहां कुछ दिनों के लिये कैम्प कर ब्रीडिंग प्लान की निगरानी करेगी। इसके लिए प्रोजेक्ट के आला अधिकारियों के बीच कुछ नामों पर चर्चा चल रही है।
जानिए कहां-कहां से आए हैं ‘मेहमान’
इटावा सफारी के लिए पहले चरण में 5 अप्रैल 2013 को हैदराबाद जू से दो एशियाई बब्बर शेर लक्ष्मी-विष्णु आए, जिन्हें कानपुर जू में रखा गया। उसके बाद 7 अप्रैल को राजकोट जू से एक्सचेंज के तहत दो और बब्बर शेर हीर-मोजकब कुबेर लखनऊ जू पहुंचे।
21 दिसंबर 2013 को अधिकारियों ने काफी मशक्कत कर प्रोजेक्ट के लिये गुजरात के शक्करबाग जू से 4 और एशियाई बब्बर शेर कुंवरी, मनन, वीगो और करिश्मा का इंतजाम किया। सीजेडए की अनुमति मिलने के बाद 11 अप्रैल की भोर में वहां दो बब्बर शेर मनन-कुंवरी को उतारा गया।