ननद के छह माह के बेटे को स्वस्थ करने का दावा कर एक महिला ने नानपारा के गुरहिया सरैंया गांव में उसकी बलि चढ़ा दी। फिर उसे जिंदा करने के लिए बकरे की बलि चढ़ाई और उसके बाद अपने पति समेत तीन और बलि मांगने लगी।
इससे डरकर ससुरालीजनों ने महिला को एक धर्मस्थल पर छोड़ दिया, जहां से उसके माता-पिता अपने साथ ले गए हैं। परिवार का मामला होने के चलते सभी ने चुप्पी साध ली है। ग्रामीणों से मामला खुला तो परिवारीजन कोई भी कार्रवाई करने से इनकार कर रहे हैं।
गांव निवासी राममिलन की बहू किरन (21) अरसे से झाड़फूंक का काम करती है। किरन का दो वर्षीय बेटा काफी दिनों से अस्वस्थ है। उसे ठीक करने के लिए भी वह पूजा पाठ किया करती है।