दिमागी बुखार मासूमों की जान लेता रहा लेकिन स्वास्थ्य महकमा इसे कुबूल करने से किनारा कसता रहा। अब इंटीग्रेटेड सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) से क्रॉस चेकिंग में दिमागी बुखार से छह मौतों का खुलासा हुआ है, जबकि इसके कहर से नौ बच्चे निशक्त हो गए। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
तराई में प्रतिवर्ष जून से अक्तूबर तक जापानी इंसेफ्लाइटिस व एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (जेई, एईएस) का कहर मासूमों पर बरपता है। इस वर्ष भी दिमागी बुखार की चपेट में आकर मासूमों की जान जाती रही लेकिन महकमे के जिम्मेदार दिमागी बुखार से मौत का मामला छिपाते रहे।
जब मामला शासन स्तर पर गूंजा तो विभाग ने जांच की कार्रवाई शुरू की। तीन चक्रों में 83 पीड़ित बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। इस दौरान 55 बच्चे दिमागी बुखार से पीड़ित मिले। लेकिन मौत के तथ्यों को नकार दिया गया।