महापंचायत की रोक के बावजूद रविवार को मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के खेड़ा गांव में जुटे हजारों ग्रामीणों के बीच जमकर संघर्ष हुआ।
इसमें एक महिला एएसआई, आरएएफ के छह जवान समेत 13 पुलिसकर्मी घायल हो घायल हो गए।
ग्रामीण भाजपा विधायक संगीत सोम की गिरफ्तारी व रासुका के तहत कार्रवाई के विरोध में उनकी पत्नी व भाई सागर सोम की अगुवाई में यहां पहुंचे थे।
इस पर पुलिस महकमे के आला अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों का पहुंचा स्थानीय प्रशासन की शिथिलता हो सकती है।
इस मामले में 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है तो विधायक की पत्नी व भाई के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
आईजी कानून-व्यवस्था आरके विश्वकर्मा व गृह सचिव कमल सक्सेना ने बताया कि गिरफ्तारी का सिलसिला अभी जारी है।
इधर, मेरठ की घटना की शुरुआत होते ही डीजीपी देवराज नागर ने एडीजी कानून-व्यवस्था, आईजी कानून-व्यवस्था व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक के दौरान अधिकारी मेरठ के अधिकारियों से वहां के हालात की जानकारी लेते रहे।
राज्य सरकार की ओर से मेरठ के मामले में अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था मुकुल गोयल ने कहा कि लाठीचार्ज, पथराव, आगजनी और हवाई फायरिंग हुई लेकिन स्थिति अब काबू में है। महापंचायत के लिए जुटने वालों को खदेड़ा जा चुका है और मौके पर पीएसी, आरएएफ और पुलिस बल तैनात हैं।
एडीजी ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा महापंचायत के आयोजन पर रोक लगाए जाने के बाद आयोजकों ने आश्वासन दिया था कि उन्होंने लोगों को इसमें न आने के लिए कह दिया है।
वहां धारा 144 लागू थी। इसके बावजूद आसपास के गांवों से करीब पांच-छह हजार लोग खेतों के रास्ते खेड़ा पहुंच गए। इसमें करीब 20-25 फीसदी महिलाएं थीं। इसके अलावा आगजनी व हिंसा करने वालों पर भी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।