पल्हापुर सामूहिक हत्याकांड की जांच तीन जिलों तक पहुंच गई है। सीतापुर के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के अलावा महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र में पुलिस टीमें जांच कर रही हैं। इसके साथ पुलिस की एक टीम ने लखनऊ जिले में गोमतीनगर विस्तार निवासी प्रियंका के मायके वालों से भी पूछताछ की है। वहीं, एक टीम बाराबंकी जिले के जुग्गौर स्थित अजीत के ससुराल वालों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस कड़ी से कड़ी को जोड़ते हुए हत्याकांड के खुलासे को लेकर सबूत जुटा रही है।
बैलेस्टिक रिपोर्ट में साबित हुआ तमंचे से ही चलाई गईं थीं गोलियां
पुलिस ने पल्हापुर गांव में अनुराग के कमरे से बरामद देसी तमंचे को बैलेस्टिक जांच के लिए भेजा था। सूत्रों की मानें तो बैलेस्टिक जांच में यह साबित हो गया है कि देसी तमंचे से ही अजीत ने अनुराग और अन्य परिजनों की हत्या की है। पुलिस ने घर से तमंचा बरामद किया था। ससुर के लोगों से अजीत ने लिया था कर्जा, हत्या से करीब एक माह पहले डेढ़ लाख लौटाए थे
पूछताछ में नहीं कबूली भाड़े के हत्यारों की बात
अजीत से एसओजी और एसटीएफ की टीमों ने कड़ी पूछताछ की। इसके बावजूद अब तक अजीत ने भाड़े के हत्यारों के शामिल होने की बात नहीं कबूली है। पुलिस भी यह दावा कर रही है कि अजीत ने खुद ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया है।
अजीत सिंह रामपुर मथुरा विकास खंड के बरी जगतपुर प्राथमिक विद्यालय में बतौर सहायक अध्यापक तैनात है। इस घटना में उसकी भूमिका सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की कवायद शुरू कर दी है। जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के आला अधिकारी ने पुलिस विभाग को पत्र भेजकर इसकी रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों की मानें तो बृहस्पतिवार को पुलिस विभाग इसकी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा विभाग को भेज देगा। इसके बाद अजीत के निलंबन की कार्यवाही शुरू होगी। जब अजीत दोष सिद्ध हो जाएगा तब विभाग अजीत को बर्खास्त करेगा।
अजीत की हो चुकी है बाईपास सर्जरी
इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड ह्रदयरोग से पीड़ित है। सूत्रों की मानें तो करीब दो माह पूर्व उसने बाईपास सर्जरी कराई थी। जिसमें उसके काफी रुपये खर्च हो गए थे। उसकी अभी भी दवाएं चल रही हैं।