सीतापुर में एक बिजली उपभोक्ता से घूस लेते रंगेहाथ पकड़े गए अवर अभियंता अधिराज वर्मा को बर्खास्त कर दिया गया है। पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष एम. देवराज ने बृहस्पतिवार को अधिराज वर्मा की बर्खास्तगी के आदेश जारी कर दिए। इसके अलावा अनियमितताओं के मामले में राज्य विद्युत उत्पादन निगम के एक सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता की पेंशन में 10 प्रतिशत की कटौती की गई है।
पावर कार्पोरेशन के सूत्रों के अनुसार सीतापुर के हरगांव उपकेंद्र पर तैनाती के दौरान अधिराज वर्मा ने एक उपभोक्ता से बिजली कनेक्शन के लिए 25 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत न देने पर कई बार उपभोक्ता के कनेक्शन संबंधी आवेदन को निरस्त कर दिया था। बाद में उपभोक्ता जेई को रिश्वत देने को तैयार हो गया। उसने जेई से किस्तों में पैसा देने की बात की। पहली बार उपभोक्ता ने जेई को 10 हजार रुपये दे दिए थे। दूसरी बार 8000 रुपये देने जाने से पहले उसने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से इसकी शिकायत की। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने छापा मारकर जेई को रंगेहाथ उस वक्त दबोच लिया जब उपभोक्ता से पैसा ले रहा था।
इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ओर से सीतापुर कोतवाली में 25 फरवरी 2021 को एफआईआर दर्ज कराई थी। इस बीच पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने भी जेई के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी। जांच में घूसखोरी आरोप साबित हो जाने पर प्रबंधन ने बृहस्पतिवार को उसकी बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया। पावर कार्पोरेशन केअध्यक्ष एम. देवराज ने बताया कि सीतापुर में घूस लेते पकड़े गए जेई को बर्खास्त कर दिया गया है। उधर, अनपरा परियोजना में तैनात रहे राज्य विद्युत उत्पादन निगम के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता त्रिभुवन तिवारी की पेंशन से 10 प्रतिशत कटौती के आदेश भी जारी किए गए हैं। तिवारी की पेंशन से कटौती अनियमितताओं के आरोप में की गई है। उत्पादन निगम के सूत्रों का कहना है कि कई और सेवानिवृत्त अभियंताओं की पेंशन में 10 से 15 प्रतिशत तक की कटौती की गई है।
अकाउंटेंट का एक और वीडियो वायरल, हड़कंप
राही (रायबरेली) ब्लॉक में तैनात अकाउंटेंट का घूस लेते वायरल हुए वीडियो का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि गुरुवार को उसका एक और वीडियो वायरल हो गया। कार्यालय में नवाबी ठाठ-बाट से मेज पर पैर रखकर काम करने का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। अकाउंटेंट राकेश त्रिपाठी का कहना है कि लड़की की शादी थी। भागदौड़ की वजह से पैर में दर्द हो रहा था। मेज का सहारा ले लिया था। उधर, बीडीओ जितेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि वीडियो वायरल होने की जानकारी हुई है। एडीओ कार्यालय का वीडियो बताया जा रहा है। मामले की जांच कराई जाएगी।