गोरखपुर के होटल में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता हत्याकांड के मामले में आरोपी दरोगा के बाराबंकी के स्थित घर में रविवार को एक बार फिर से एसआईटी की टीम ने छापा मारा।
बताया जाता है कि टीम ने यहां दरोगा के परिजनों से उसके बारे में पूछताछ की। शहर के मोहन नगर मोहल्ले में गोरखपुर में हुए कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता हत्याकांड में आरोपी दरोगा अक्षय मिश्रा का घर है। यहीं पर यह कार्रवाई की गई।
कोर्ट में हाजिर होने की फिराक में हत्यारोपित पुलिसकर्मी
बताया जा रहा है कि मनीष गुप्ता की मौत के आरोपित इंस्पेक्टर जेएन सिंह, चौकी इंचार्ज रहे अक्षय मिश्रा कोर्ट में हाजिर होने की फिराक में हैं। कानपुर और गोरखपुर पुलिस का गिरफ्तारी के लिए बढ़ते दबाव के बीच इंस्पेक्टर जेएन सिंह ने गोरखपुर के कई बड़े अधिवक्ताओं से संपर्क साधा है। हालांकि कुछ ने केस लड़ने से मना भी कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, कारोबारी मनीष की 27 सितंबर की रात में मौत हो गई थी। आरोप है कि होटल कृष्णा पैलेस में चेकिंग करने गए इंस्पेक्टर जेेएन सिंह, अक्षय मिश्रा, विजय यादव समेत छह पुलिस वालों की पिटाई से मनीष की मौत हुई थी। इस मामले में रामगढ़ताल थाने में हत्या का केस भी दर्ज है। इसकी जांच कानपुर एसआईटी कर रही है और जांच में पिटाई से मौत का मामला भी साफ हो चुका है। आरोपितों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि कानपुर पुलिस के अलावा गोरखपुर पुलिस की भी कुछ टीमें फिर से आरोपितों की तलाश में सरगर्मी से लग गईं हैं। आरोपितों को पकड़ने के लिए पुलिस जेएन सिंह या अन्य आरोपितों के हर उस करीबी तक पहुंच चुकी है जिससे कुछ सुराग मिल सके लेकिन अभी पुलिस के हाथ खाली हैं। सूत्रों का कहना है कि जेएन सिंह भी कानून को बारीकी से जानता है इस वजह से वह कोर्ट में छुट्टी के दिन हाजिर होने की फिराक में है ताकि अधिवक्ताओं के गुस्से से बच सके।