आईएएस अफसर अनुराग तिवारी की संदिग्ध हालात में मौत की जांच के सिलसिले में बृहस्पतिवार सुबह बंगलूरू पहुंची एसआईटी ने फूड एंड सिविल सप्लाई के ऑफिस में छानबीन की।
हालांकि, दिनभर चली पड़ताल के बाद भी एसआईटी को कोई ऐसा सुराग नहीं मिल सका जिससे मौत से पर्दा उठाया जा सके। अनुराग फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग के कमिश्नर तो थे ही उनके पास फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के मैनेजिंग डॉयरेक्टर का भी अतिरिक्त चार्ज था।
एसआईटी प्रभारी सीओ हजरतगंज अवनीश मिश्रा और इंस्पेक्टर हजरतगंज आनंद कुमार शाही ने दोनों विभाग के स्टाफ मेंबर्स से आईएएस के बारे में जानकारी ली। टीम ने दोनों विभाग के अधिकारियों को आईएएस की नौकरी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों का प्रश्नपत्र सौंपकर लिखित जवाब मांगा है।
एसआईटी के साथ बंगलूरू गए अनुराग के बड़े भाई मयंक ने बताया कि पुलिस टीम ने अनुराग के ऑफिस जाकर स्टाफ के लोगों से बंद कमरे में बातचीत की। अनुराग तिवारी ने विभाग में कितने गड़बड़-घोटाले और भ्रष्टाचार के मामले पकड़े थे?
उन्होंने कितने लोगों पर कार्रवाई की? क्या घोटालों व अनियमितताओं में किसी बड़े अधिकारी या नेता का नाम भी आया था? आईएएस ने कभी किसी ठेकेदार का भुगतान रोका या किसी कर्मचारी को सजा दी? इस बारे में स्टाफ के लोगों से जानकारी मांगी गई। हालांकि, अनुराग के साथ तैनात काफी स्टाफ बदला जा चुका है।