लखनऊ। प्रदर्शन में आए कांग्रेस के युवा कार्यकर्ता गोरखपुर के सहजनवां निवासी प्रभात पांडेय की मौत के मामले में एसआईटी ने बृहस्पतिवार दोपहर कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय के प्रशासनिक अफसर दिनेश सिंह से करीब डेढ़ घंटे पूछताछ और उनका बयान दर्ज किया।
एसआईटी टीम के प्रभारी इंस्पेक्टर शमशेर बहादुर सिंह ने पूरी टीम के साथ मिलकर दिनेश सिंह से 15 से 20 प्रश्न किए। सवाल किया कि जब प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी तो क्यों किया? इस पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदर्शन कराया। इसमें सिर्फ शामिल हुआ था। प्रभात की मौत की सूचना समय से क्यों नहीं दी? इस पर कोई जवाब नहीं दिया। ऐसे कई सवाल एसआईटी ने किए। कुछ के जवाब उन्होंने गोलमोल दिए। इसके अलावा भी टीम ने एक कार्यकर्ता का बयान दर्ज किया।
प्रभात पांडेय की मौत की हो निष्पक्ष न्यायिक जांच
प्रभात पांडेय की मौत की हो निष्पक्ष न्यायिक जांच
यह है पूरी घटना
प्रदर्शन में आए प्रभात बुधवार शाम को कांग्रेस दफ्तर में बेहोश मिले थे। सिविल अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। प्रभात के चाचा विज्ञान खंड गोमतीनगर निवासी मनीष ने हुसैनगंज थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। प्रभात एमिटी यूनिवर्सिटी के सामने पीजी में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। मामले की पड़ताल के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालकर मांगा न्याय
लखनऊ। प्रभात की मौत मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने के लिए बृहस्पतिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परिवर्तन चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। पीड़ित परिवार को मुआवजा और एक व्यक्ति को नौकरी मुहैया कराई जाने की मांगी। राज्यपाल को प्रेषित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट ज्ञान चंद्र गुप्ता को सौंपा। इस दौरान शहर अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव त्यागी, डॉक्टर शहजाद आलम, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान कोषाध्यक्ष शिव पांडेय, पूर्व विधायक श्याम किशोर शुक्ला, पूर्व विधायक इंदल रावत, आदि मौजूद रहे। (संवाद)