अजय पाल शर्मा-नोएडा में पत्रकारिता की आड़ में संगठित गिरोह चलाने के आरोप में चार पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में पाया गया था कि ये पत्रकार नोएडा के पूर्व एसएसपी अजय पाल शर्मा के संपर्क में थे। अजय पाल शर्मा और चंदन राय के बीच बातचीत की दो ऑडियो क्लिप भी मिली, जिसमें 80 लाख रुपये में मेरठ में पोस्टिंग का सौदा तय किया जा रहा था। 50 प्रतिशत एडवांस और बाकी पैसे पोस्टिंग के एक माह के अंदर देने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
सुधीर कुमार सिंह- नोएडा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चंदन राय और एसएसपी गाजियाबाद सुधीर कुमार सिंह के बीच एसएमएस चैट का भी ब्यौरा मिला था। इसमें संजय शर्मा नाम के इंस्पेक्टर को सिहानी गेट थाने का चार्ज देने के लिए कहा जा रहा है। सिहानी गेट के लिए मना करने पर विजय नगर थाने का चार्ज देने की बात कही जा रही है। एसएसपी ताकीद करते हैं कि बात इधर-उधर न हो और वह मिलने के लिए शाम को बुलाते हैं।
गणेश प्रसाद साहा-रिपोर्ट में चंदन राय और साहा के बीच एसएमएस के जरिए हुई बात चीत का विवरण दिया गया है। जिसमें चंदन गाड़ी निकलवाने के लिए पैसे भेजने का जिक्र किया गया है। जिसमें गाड़ियों को निकलवाने से पहले टोकन देने की बात कही गई है।
हिमांशु कुमार- हिमांशु कुमार और चंदन राय व अतुल शुक्ला के बीच बातचीत में बिजनौर के लिए 30 लाख रुपये, बरेली के लिए 40 लाख रुपये और आगरा के लिए 50 लाख रुपये का जिक्र है।
राजीव नारायण मिश्रा- कुशीनगर में तैनाती के दौरान राजीव नारायण और नोएडा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए नितीश पांडेय के बीच व्हाट्स एप चैट का जिक्र रिपोर्ट में किया गया है। इन लोगों के बीच चौकियों पर तैनाती व सिपाहियों के स्थानांतरण का जिक्र है। गिरफ्तार किए गए अतुल शुक्ला के संबंध में मुख्य सचिव कार्यालय में तैनात दिवाकर खरे से संबंध होने और पीसीएस अधिकारी गुलशन कुमार और रजनीश की पोस्टिंग कराने का जिक्र भी रिपोर्ट में किया गया है।