कर्नाटक काडर के आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी (35) की संदिग्ध हालात में मौत के मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने शुक्रवार सुबह स्टेट गेस्टहाउस के चार कर्मचारियों सहित आठ लोगों से लंबी पूछताछ की।
हालांकि, सभी लोगों ने अफसर को जीवित देखने की बात से इन्कार किया है। पुलिस ने राजभवन के सामने स्थित आर्यन रेस्टोरेंट की मंगलवार रात की फुटेज भी निकलवाई है जिसमें अनुराग तिवारी अपने दोस्तों के साथ डिनर करने गए थे।
इस बीच एसएसपी दीपक कुमार ने एसआईटी को निर्देश दिए हैं कि वह कर्नाटक सरकार को पत्र लिखकर आईएएस की छुट्टी सहित अन्य जानकारियां जुटाए।
पुलिस ने बताया कि मंगलवार रात 10 बजे से बुधवार सुबह छह बजे तक मीराबाई मार्ग स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में कनिष्ठ सहायक जितेंद्र वर्मा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कृष्णा चतुर्वेदी ड्यूटी पर थे। जितेंद्र ने बताया कि वह मंगलवार रात सवा दस बजे गेस्ट हाउस पहुंचा और बुधवार सुबह सात बजे वहां से निकला। ड्यूटी पर आने के बाद उसने एलडीए वीसी पीएन सिंह और आईएएस अनुराग तिवारी को गेस्टहाउस आते नहीं देखा।
ये बातें उलझा रही हैं पूरे केस को
- फोटो : amar ujala
सुबह पौने सात बजे एलडीए वीसी नीचे आए और कमरे की चाबियां देकर बैडमिंटन खेलने चले गए। इससे पहले सुबह पांच बजे एसपी सिंह बघेल गेस्टहाउस से मॉर्निंग वॉक पर निकले थे और वे पौने सात बजे लौटे। यानी अनुराग तिवारी सुबह पांच बजे से पहले ही गेस्टहाउस से निकल चुके थे। उसके बयान ने पूरे मामले को और भी रहस्यमय बना दिया है।
जितेंद्र के बयान के दो मायने निकाले जा रहे हैं। पहला यह कि उसके ड्यूटी पर आने से पहले ही दोनों गेस्टहाउस आ चुके थे और देर रात से सुबह पांच बजे के बीच किसी वक्त आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी गेस्टहाउस से निकले जिसका कर्मचारियों को पता नहीं चला।
दूसरी आशंका यह भी है कि आईएएस अधिकारी रात को गेस्टहाउस आए ही नहीं? हालांकि, उनका मोबाइल फोन गेस्टहाउस के कमरे में ही चार्जिंग पर लगा होने से पुलिस इस आशंका से सहमत नहीं है।
पुलिस ने जितेंद्र के साथ नाइट ड्यूटी पर उपस्थित कृष्णा चतुर्वेदी और बुधवार सुबह सात बजे से ड्यूटी पर आए वरिष्ठ स्वागती आरिफ हुसैन व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजनारायण से भी पूछताछ की।
रेस्टोरेंट की सीसीटीवी फुटेज से हो रही है जांच
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एसआईटी के प्रभारी सीओ हजरतगंज अवनीश कुमार मिश्रा ने बताया कि मंगलवार रात एलडीए वीसी और आईएएस अनुराग तिवारी जिस आर्यन रेस्टोरेंट में डिनर करने गए थे, वहां के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाकर छानबीन की जा रही है।
रात करीब साढ़े आठ बजे से दस बजे तक अधिकारी रेस्टोरेंट में मौजूद रहे। इस दौरान आईएएस अफसर ने कैसे कपड़े पहने थे? उनके पास कितने फोन थे? फुटेज देखकर यह ब्योरा जुटाया जा रहा है।
कौन थे वनमंत्री को पूछने के लिए आए तीन युवक!
स्टेट गेस्टहाउस के कनिष्ठ सहायक जितेंद्र वर्मा ने बताया कि बुधवार सुबह करीब साढ़े छह बजे तीन युवक वनमंत्री दारा सिंह चौहान को पूछते हुए गेस्टहाउस आए थे। बकौल जितेंद्र, वनमंत्री के नाम से स्टेट गेस्टहाउस में एक कमरा बुक है लेकिन वह यहां रहते नहीं हैं।
तीनों युवक उनके दूसरे आवास के बारे में पूछने लगे जिस पर जितेंद्र ने जानकारी से इन्कार कर दिया। करीब पांच मिनट बाद तीनों युवक चले गए। युवक लगभग उसी वक्त आए थे जब पुलिस चंद कदम दूरी पर आईएएस अफसर का शव सड़क से उठाकर सिविल अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रही थी। पुलिस गेस्टहाउस आए तीनों युवकों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
अफसर को सड़क पर पड़ा देखने वाले दूधिए का सुराग नहीं
आईएएस अफसर को सबसे पहले सड़क पर पड़ा हुआ देखने वाले दूधिए का पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी है। शुक्रवार सुबह पांच बजे से ही एसआईटी की टीम के साथ नरही चौकी के प्रभारी व सिपाही दूधिए के बारे में पड़ताल करने घटनास्थल पहुंच गए थे।
पुलिस ने मीराबाई मार्ग स्थित वाणिज्य कर के दफ्तर से घटनास्थल के आसपास चाय का ठेला और ढाबा चलाने वालों से पूछताछ की लेकिन दूधिए के बारे में कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस ने चार लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं।
पांच साल से चाय का ठेला लगाने वाले गोंडा के कटरा मोहम्मदपुर निवासी शेरू ने पुलिस को बताया कि सुबह साढ़े पांच बजे वह नित्यक्रिया के लिए गया था। छह बजे लौटा तो भीड़ लगी देखी। पूछने पर पता चला कि किसी का शव मिला है।
बहराइच के कैसरगंज के कोहली बडरौली निवासी ढाबा संचालक जंगी और धकेलू ने आईएएस अफसर को टहलते हुए देखने की जानकारी से इन्कार किया। बहराइच के कैसरगंज मूसपुर निवासी चाय विक्रेता सुनील कुमार ने पुलिस को बताया कि वह सुबह साढ़े सात बजे सोकर उठा था, इसलिए उसे किसी का शव मिलने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।