ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर पैसों के लेन-देन मामले की एसआईटी जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो पांचों आरोपी आईपीएस अफसरों को महंगा पड़ सकता है। सीएम योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत इनमें से कुछ अफसरों के निलंबन से लेकर विभागीय जांच तक की सिफारिश की जा सकती है।
नोएडा के एसएसपी रहे वैभव कृष्ण ने जिलों में तैनात रहे पांच आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। इसमें गाजियाबाद के एसएसपी रहे सुधीर कुमार सिंह, रामपुर के एसपी रहे अजय पाल शर्मा, बांदा के एसपी रहे गणेश साहा और सुल्तानपुर के एसपी रहे हिमांशु कुमार शामिल थे।
इसके अलावा कुशीनगर में एसपी रहे राजीव नारायण मिश्रा पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। हालांकि आरोप लगने से पहले ही उन्हें कुशीनगर से हटाकर एसटीएफ का एसएसपी बना दिया गया था। जनवरी में भ्रष्टाचार का मामला उजागर होने के बाद इन सभी पांचों आईपीएस अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया था।