सपा सरकार में जल निगम में विभिन्न पदों पर हुई भर्तियों में घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने तत्कालीन नगर विकास मंत्री व जल निगम के चेयरमैन मो. आजम खां पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
एसआईटी की ओर से दर्ज एफआईआर में आरोप है कि आशुलिपिकों की भर्ती परीक्षा निरस्त करने से जल निगम को 37.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। ऐसा आजम खां द्वारा जानबूझकर किया गया।
एसआईटी का आरोप है कि जल निगम के अध्यक्ष की हैसियत से आजम खां ने निगम के प्रबंध निदेशक व परीक्षा कराने वाली कंपनी अप्टेक लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ दुरभि संधि कर पद और अधिकार का दुरुपयोग किया है।
उन्होंने छल पूर्वक भर्ती प्रक्रिया को अनियमित व अवैधानिक तरीके से संपन्न कराया। आजम की ही मिलीभगत से अप्टेक कंपनी, जल निगम के तत्कालीन एमडी, तत्कालीन नगर विकास सचिव व विशेष कार्याधिकारी आफाक ने भर्ती प्रक्रिया की कार्रवाई पूरी की।