रायबरेली/ऊंचाहार। जिले में हुए सोमवार को हुए संपूर्ण समाधान दिवस पर ग्रामीणों ने अपनी फरियाद अफसरों के सामने रखीं तो अधिकारियों ने उनको आश्वासन दिया। कोटरा बहादुरगंज गांव के ग्रामीण पवन कुमार, रज्जन लाल, मीना कुमारी, राजेश, रवि प्रकाश आदि ने मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में ऊंचाहार एसडीएम सिद्धार्थ चौधरी के सामने बरसों पुराना रास्ता खुलवाने की मांग की।
सबने कहा कि दबंगों ने 123 घरों को जाने के रास्ते को बंद कर दिया है। तहसील प्रशासन ने पूर्व में कब्जा हटवाया, लेकिन दबंगों ने दोबारा कब्जा कर लिया। एसडीएम ने लेखपाल व पुलिस को जांच कर रास्ता खुलवाने के आदेश दिए।
इसके अलावा मकवापुर गांव के सज्जन लाल ने गांव की सरकारी नाली व कब्रिस्तान की जमीन को कब्जा मुक्त कराने की फरियाद की। एसडीएम ने 25 शिकायतों में चार शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया।
सलोन प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील में डीएम हर्षिता माथुर ने 62 शिकायतों को सुनकर मौके पर आठ मामलों को निस्तारित किया। माधवपुर निनैया निवासी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने उसकी भूमि पर कब्जे का आरोप लगाया तो रसूलपुर निवासी राजू निर्मल ने पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जे की गुहार लगाई।
राजापुर चकबीबी निवासी विपिन तिवारी ने छत पर साउंड लगाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग की। छतोह के ठाकुर प्रसाद मौर्या ने भी गांव के कई व्यक्तियों पर रास्ते को बंद कराने का आरोप लगाया।
महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसार, एसडीएम सचिन यादव ने 21 शिकायतों को सुनकर मौके पर चार मामलों को निस्तारित किया। कुशमहुरा निवासी भूपेश मिश्रा ने महराजगंज-इन्हौना मार्ग की बदहाल बताई। बेलवा गांव निवासी उमेश कुमार ने विकलांग पेंशन और ट्राई साइकिल की गुहार लगाई।
सदर तहसील में एसडीएम प्रफुल्ल कुमार शर्मा ने 45 शिकायतों को सुनकर मौके पर पांच मामलों का निस्तारण किया। इसके अलावा डलमऊ व लालगंज तहसीलों में भी अधिकारियों ने लोगों की फरियादों को सुना। 210 शिकायतों में मौके पर 27 मामलों का निस्तारण किया गया।