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आरटीओ : फिर चमक उठा दलालों का धंधा, आवेदकों को कर रहे गुमराह

Wed, 04 Jul 2018 02:15 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो
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गैर जनपद से स्थानांतरित होकर राजधानी के संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में आए मठाधीश बाबुओं ने जॉइन करते ही यहां ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनाने की सिंगिल विंडो सर्विस की सुगम व्यवस्था खत्म करा दी है। बाबुओं ने अब डीएल बनाने की अलग-अलग दुकानें (काउंटर) खोल ली हैं।
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यानी लर्निंग, परमानेंट, कॉमर्शियल डीएल बनाने एवं नवीनीकरण का जो काम एक ही काउंटर पर होता था, उसके लिए चार काउंटर खुल गए हैं। बता दें कि आवेदकों की परेशानियों को देखते हुए सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) राघवेंद्र सिंह ने डीएल संबंधी सभी कार्य करने के लिए काउंटर नंबर 11 तय किया था।

उसमें चार बाबुओं के साथ एक वरिष्ठ बाबू को बैठाया गया था। इससे आवेदक इधर-उधर भटकने के बजाय सीधे इस काउंटर पर पहुंचकर अपना कार्य करा लेते थे। दरअसल जब से सारथी सॉफ्टवेयर का शुभारंभ हुआ है तब से कोई भी बाबू सॉफ्टवेयर पर लर्निंग, परमानेंट, कॉमर्शियल डीएल बनाने एवं नवीनीकरण करने की अप्लीकेशन को खोल कर आवेदन की प्रक्रिया को पूरा कर सकता है।
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लेकिन मठाधीश को सिंगिल विंडो सर्विस रास नहीं आया। इन्होंने बड़े ‘आकाओं’ से दबाव बनवाकर डीएल के हर कार्य के अलग-अलग काउंटर खुलवा दिए हैं। आरटीओ में लर्निंग, परमानेंट, कॉमर्शियल डीएल बनाने एवं नवीनीकरण का काउंटर अलग-अलग कर देेने से आवेदक डीएल बनवाने के लिए भटकने लगे हैं।
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दे रहे घूस का झांसा

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यानी आवेदकों को अब अपना काम कराने के लिए तय काउंटर की कतार में खड़ा होना पड़ रहा है। ऐसे में जिस काउंटर पर लर्निंग डीएल बनाने का कार्य होता उस पर डीएल को परमानेंट कराने का आवेदक गलती से कतार में खड़ा हो जाता। यह आवेदक जब बाबू से रूबरू होता तो उसको सीधा जवाब मिलता कि दूसरे काउंटर पर जाइए। इसके बाद आवेदक को दूसरे काउंटर में लाइन लगानी पड़ती है।  

आरटीओ में अब आवेदकों के लिए डीएल बनवाना मुश्किल हो जाने से दलालों का धंधा चमक गया है। एक आवेदक ने बताया कि कतार में खड़े आवेदकाें को दलाल पहुंचकर सुविधा शुल्क देकर डीएल बनाने की सलाह देते हैं। वह आवेदकों को गुमराह करते हैं कि जब तक घूस नहीं दोगे तब तक आसानी से डीएल नहीं बन पाएगा। 

रोजाना कितने आवेदन
लर्निंग डीएल               150
परमानेंट डीएल            150
कॉमर्शियल डीएल        100
डीएल के नवीनीकरण   125

डीएल के सिंगिल विंडो सर्विस को मेरे द्वारा खत्म नहीं किया गया है। इसके अलग-अलग काउंटर क्यों खोले गए, इस प्रकरण पर एआरटीओ (प्रशासन) से चर्चा करेंगे।  - अशोक कुमार सिंह, आरटीओ लखनऊ जोन
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