झूलेलाल चालीहा महोत्सव के आयोजन में मौजूद सिंधी समाज के लोग। स्वयं
सिंधी समाज इस समय झूलेलाल चालीहा साहिब महोत्सव धूमधाम से मना रहा है। 40 दिन तक चलने वाले इस महोत्सव में पूजा-पाठ के साथ ही सिंधी भाषा और संस्कृति के उत्थान के लिए भी समाज के लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस दौरान राजधानी की सिंधी पंचायतों ने फैसला किया है कि वे समाज के युवाओं को धर्म परिवर्तन के प्रति सचेत और जागरूक भी करेंगे।
चेट्टी चंद मेला कमेटी के प्रवक्ता अशोक मोतियानी ने बताया कि चालीहा महोत्सव के दौरान सिंधी गुरुद्वारों व मंदिरों से लेकर घर-घर में भगवान झूलेलाल की आरती और पूजन का क्रम जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि युवतियों को बहला-फुसलाकर और प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के मामले इन दिनों खूब सामने आ रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए सिंधी समाज ने तय किया है कि वे शहर में करीब दो दर्जन पंचायतों के माध्यम से समाज की युवतियों को धर्म परिवर्तन के प्रति सचेत और जागरूक करेंगे। यह अभियान रविवार से ही शुरू कर दिया गया है। युवाओं को बताया गया कि वे किसी के बहकावे में न आएं और दबाव में या प्रलोभन में धर्म परिवर्तन जैसे निर्णय न लें। ऐसे किसी मामले की सूचना पंचायतों में दी जा सकती है।
अध्यक्ष रतन मेघानी और संरक्षक अशोक चांदवानी ने समाज के लोगों से से अपील की है कि वे एक-दूसरे से मिलते वक्त जय झूलेलाल बोलकर ही अभिवादन करें और आपस में सिंधी भाषा का ही प्रयोग करें। महामंत्री संजय जेसवानी, कोषाध्यक्ष सतेंद्र भवनानी, श्याम कृषनानी, हंसराज राज्यपाल, राजू जसवानी, सतीश लखमानी ने बताया कि हमारा प्रयास है कि समाज की युवा पीढ़ी को अपने संस्कार व भाषा के प्रति जागरूक करें और धर्म परिवर्तन के दुष्परिणामों के बारे में उन्हें जागरूक करें।