प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन सिमी फिर सक्रिय हो रहा है। बहराइच के महसी में एक युवक ने क्लीनिक की आड़ में साल भर में ही करीब 300 युवाओं को सिमी का मेंबर बना लिया और प्रशासन को भनक तक नहीं लगी।
अब उसकी करतूत का खुलासा होने पर पुलिस ने पूछताछ के लिए तलब किया तो वह युवक क्लीनिक बंद कर फरार हो गया। अब खुफिया एजेंसियां उसकी तलाश में जुट गई हैं। एसपी का कहना है कि युवक की गतिविधियां संदिग्ध थीं। मामले की जांच कराई जा रही है। जिन लोगों को सिमी का सदस्य बनाया गया है, उनकी भी निगरानी शुरू कर दी गई है।
करीब एक साल पहले अलीगढ़ निवासी डॉ. एमएम शेख महसी के बौंडी बाजार में स्थानीय निवासी महफूज की दो दुकानों को किराये पर लेकर क्लीनिक खोल लिया। उसने मलिक बाबा के नाम से इलाके में पहचान बना ली। तीन माह तक तो उसका क्लीनिक ठीक चला, फिर अक्सर ही बंद रहने लगा। लोग बताते हैं कि आठ माह से उसका ज्यादातर वक्त गांव में गुजरता था।
वह खुद को एक क्षेत्रीय दल का कार्यकर्ता बताता था और मुस्लिम युवाओं को बरगलाकर सिमी का सदस्य बनाता था। बौंडी, जैतापुर, बिसवां, महसी, खैरीघाट इलाके में उसने 300 लोगों को सिमी में शामिल करने के नाम पर 500 से एक हजार रुपये भी लिये।
पुलिस को चकमा देकर रातोंरात भाग निकला
बताया जा रहा है कि पंचायत चुनाव के दौरान डॉ. एमएम शेख ने एक जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी की काफी मदद भी की। इसी दौरान यह मामला खुला तो बौंडी पुलिस ने शेख को थाने पर बुलाया। शेख ने पुलिस को चकमा देते हुए रातों-रात क्लीनिक पर ताला लगाकर भाग निकला।
खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि डॉ. शेख के साथ ही एक अन्य युवक के नाम का भी पता चला है। उसके कानपुर निवासी होने की बात सामने आ रही है।
ठेला लगाने वाला एसयूवी से भरने लगा फर्राटा
बौंडी का एक व्यक्ति छह माह पहले बेलहा-बेहरौली तटबंध पर मूंगफली का ठेला लगाता था। अचानक वह एसयूवी से फर्राटा भर रहा है। शेख इस युवक के साथ अक्सर ही इलाके में घूमता नजर आता था। खुफिया एजेंसियों ने इस व्यक्ति की भी पड़ताल शुरू कर दी है।
जिसके यहां क्लीनिक खोला, उसका यह कहना
बौंडी के महफूज ने बताया कि संदिग्ध डॉ. एमएम शेख के साथ इलाके का निजाम नाम का युवक भी रहता था। उसने डॉ. शेख को रिसिया का निवासी बताकर क्लीनिक के लिए कमरा दिलाया था।
संवेदनशील है तराई, स्लीपिंग मॉड्यूल की आशंका
तराई का इलाका बेहद संदिग्ध माना जाता है। खुफिया एजेंसियां इस क्षेत्र में विभिन्न आतंकी संगठनों के 28 स्लीपिंग माड्यूल होने की आशंका पहले भी जता चुकी हैं। ऐसे में सिमी के संदिग्ध युवकों की सक्रियता सामने आने के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
लापरवाही के लिए जो भी जिम्मेदार होगा करूंगा कार्रवाई
इस पर पुलिस अधीक्षक सालिक राम वर्मा का कहना है ‘बौंडी में साल भर तक रहे डॉ. एमएम शेख की गतिविधियां संदिग्ध थीं। एसओ से रिपोर्ट तलब की है। हालांकि उसके सिमी से जुड़े होने की बात संदिग्ध लग रही है। इसकी जांच कराई जा रही है। क्षेत्र में उसकी गतिविधियां संदिग्ध थीं। इस मामले में क्यों और किससे चूक हुई, यह जांच में पता चल जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’