मुख्य सचिव राजीव कुमार ने नहरों की सिल्ट सफाई ड्रोन तकनीक से करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि अनुपालन आख्या व रिपोर्ट भी विभागीय वेबसाइट पर अपलोड की जाए, ताकि काम में पारदर्शिता आ सके।
उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग को नहरों, अतिरिक्त भूमि और भवनों पर सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा का उत्पादन करने के लिए अन्य राज्यों का अध्ययन भी कराया जाए।
मुख्य सचिव बुधवार को शास्त्री भवन स्थित कार्यालय कक्ष के सभागार में सिंचाई विभाग के कामकाज की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि तटबंधों के स्थायित्व के लिए जूट या जियो टेक्सटाइल जैसी कम कीमत वाली तकनीक के प्रयोग के लिए विशेषज्ञों से राय ली जाए और विभाग की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्ति के लिए अभियान चलाने पर जोर दिया।
कहा, काम की गुणवत्ता के लिए थर्ड पार्टी चेकिंग कराई जाए, विभागीय वेबसाइट पर सभी कार्यक्रमों, क्षेत्रीय अधिकारियों को देने वाले निर्देश भी अपलोड करें।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सरयू नहर परियोजना, बाण सागर परियोजना, मध्य गंगा नहर परियोजना और अर्जुन सहायक परियोजना के काम प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएं।
माइक्रो इरिगेशन सुविधा बढ़ाने के लिए कृषि व उद्यान विभाग से सहयोग लेने, सिंचाई परियोजनाओं का एस्टीमेट अनुभवी अभियंताओं से तैयार करवाने के लिए कहा है।